जब परम्परा बनी पूजा और श्रद्धा बनी विरासत… मेवाड़ की सदियों पुरानी राजपरम्परा के तहत डॉ. लक्ष्यराज सिंह मेवाड़ ने श्री जगन्नाथ रायजी को अर्पित किए पोशाक एवं भोग
उदयपुर। मेवाड़ की पावन धरती पर एक बार फिर वह दिव्य क्षण साकार हुआ, जब
उदयपुर। मेवाड़ की पावन धरती पर एक बार फिर वह दिव्य क्षण साकार हुआ, जब
फोटो : कमल कुमावत उदयपुर। झीलों की नगरी में गणगौर महोत्सव की भव्य शुरुआत हो
जी हां…यह उदयपुर का वही जगदीश चौक है, जहां हर त्योहार नज़ाकत और नफासत से
बचपन से ही धार्मिक आयोजनों में भागीदारी सुनिश्चित करने से भावी पीढ़ी में सनातन धर्म,