फोटो : कमल कुमावत


उदयपुर। झीलों की नगरी में गणगौर महोत्सव की भव्य शुरुआत हो चुकी है। ओल्ड सिटी में मेवाड़ महोत्सव के रंग बिखरते ही पर्यटकों और स्थानीय निवासियों का उत्साह चरम पर पहुंच गया। राजसी ठाट-बाट के साथ जब गणगौर की शाही सवारी पिछोला झील के किनारे से गुजरी, तो हर कोई मंत्रमुग्ध हो उठा।
विदेशी पर्यटक भी झूमे
गणगौर की सवारी के आगे लोक कलाकार अपनी नायाब प्रस्तुतियों से समां बांधते दिखे। विदेशी पर्यटकों ने न सिर्फ इस रंगारंग माहौल का आनंद लिया, बल्कि पारंपरिक परिधानों में सजी महिलाओं और बालिकाओं के साथ फोटो खिंचवाने की होड़ भी देखी गई।
लोकसंस्कृति और डिजिटल क्रेज का मेल
शहरवासियों के उत्साह में आधुनिकता का रंग भी देखने को मिला। सोशल मीडिया पर रील्स और वीडियो बनाने की जबरदस्त होड़ रही। गणगौर घाट पर लोक कलाकारों ने अपनी प्रस्तुतियों से समां बांधा, तो आतिशबाजी ने इस उत्सव को और खास बना दिया।
गोगुंदा में भी छाया गणगौर मेला
उदयपुर के साथ-साथ गोगुंदा में भी गणगौर मेले का शुभारंभ हुआ। यहां भी पारंपरिक रीति-रिवाजों के बीच भक्तों ने माता गणगौर की पूजा-अर्चना की।
गणगौर महोत्सव के इस भव्य आयोजन ने एक बार फिर मेवाड़ की संस्कृति और परंपरा को जीवंत कर दिया।
















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