
उदयपुर। अंजुमन तालीमुल इस्लाम की सदारत में मुस्लिम समाज द्वारा मुनज़्ज़म किया गया मंगलवार का धरना मुल्तवी (स्थगित) कर दिया है। ये फ़ैसला ज़िला इंतेज़ामिया और मुस्लिम रहनुमाओं के बीच हुई कामयाब मज़ाक़रात के बाद सामने आया, जिसमें इंतेज़ामिया ने समाज के तमाम मुतालिबात को कबूल कर लिया।
अहम मुतालिबात में बेगुनाह मुज़ाहिरीन पर हुए लाठीचार्ज की तहक़ीक़ात और उन पर दर्ज मुकदमात को खत्म करने की दरख़्वास्त शामिल थी। इसके साथ ही, चाकूबाज़ी के मुल्ज़िम की फौरी गिरफ़्तारी का मुतालिबा भी सर-ए-फेहरिस्त था, जिसे इंतेज़ामिया ने संजीदगी से लिया है।
इंतेज़ामिया के साथ मुन‘अकिद हुए इन मज़ाक़रात में मुस्लिम समाज के अहम ज़िम्मेदारान जैसे अन्जुमन सदर मुजीब सिद्दीकी, सैकेट्री आबिद खान पठान, एडवोकेट अशफाक खान और दीगर मोतबर शख़्सियात शरीक थीं। मज़ाक़रात के बाद अन्जुमन सदर मुजीब सिद्दीकी ने बताया कि इंतेज़ामिया ने सभी मसाइल पर मुसब्बत इक़दामात उठाने का यक़ीन दिलाया है, जिस बुनियाद पर धरना मुल्तवी किया गया है।
इस पेशरफ्त को उदयपुर में पाए जाने वाले तशन्नज को ख़तम करने और बैनुलमज़ाहिबी हम-आहंगी को फ़रोग़ देने के लिए एक अहम क़दम समझा जा रहा है।
About Author
You may also like
उदयपुर पुलिस : जब झीलों के शांत पानी में खाकी ने खींची लक्ष्मण रेखा
नया पार्षद और वो मनहूस ग्रुप
जंतर-मंतर पर महिला पत्रकारों से यौन उत्पीड़न के आरोप पर घमासान : प्रियंका गांधी ने पीएम मोदी और अमित शाह को घेरा
सियाणा के खेतों से नागोया के पोडियम तक: माहेश्वरी चौहान की बंदूक ने लिखी उम्मीद और हौसले की नई इबारत
कमर पर हाथ, चेहरे पर बेफिक्री: जब खाकी के रसूख के आगे घुटने टेकने लगे व्यवस्था!
