
महिलाओं के लिए मेटल और माइनिंग सेक्टर में बढ़ते अवसर, 30% लिंग विविधता लक्ष्य
उदयपुर। अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर हिंदुस्तान जिंक लिमिटेड ने “वूमन ऑफ जिंक” अभियान की शुरुआत की। इस पहल का उद्देश्य मेटल, माइनिंग और मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में महिलाओं की भागीदारी को बढ़ावा देना और इस क्षेत्र को उनके लिए आकर्षक करियर विकल्प के रूप में प्रस्तुत करना है।
हिंदुस्तान जिंक ने अपने मौजूदा 25% लिंग विविधता अनुपात को 30% तक बढ़ाने का लक्ष्य रखा है। कंपनी महिलाओं को माइनिंग और मैन्युफैक्चरिंग ऑपरेशंस में अधिक अवसर प्रदान करने के लिए टेक्नोलॉजी, डिजिटलाइजेशन और ऑटोमेशन का उपयोग कर रही है।
हिंदुस्तान जिंक के सीईओ अरुण मिश्रा ने कहा,
“मेटल और माइनिंग सेक्टर में महिलाओं की भागीदारी को बढ़ाना जरूरी है। हमारा ‘वूमन ऑफ जिंक’ अभियान इसी दिशा में एक कदम है। हम 2030 तक अपने टैलेंट पूल में 30% महिला प्रतिनिधित्व हासिल करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।”
महिलाओं को मजबूत करने की दिशा में प्रयास
हिंदुस्तान जिंक अपने सामाजिक प्रभाव कार्यक्रम “सखी उत्सव” के तहत 10,000 से अधिक महिलाओं को उद्यमशीलता और आर्थिक स्वतंत्रता के अवसर प्रदान कर रहा है। राजस्थान और उत्तराखंड में कंपनी लगभग 30,000 ग्रामीण महिला उद्यमियों का सहयोग कर रही है।
हिंदुस्तान जिंक: ग्लोबल लीडर
हिंदुस्तान जिंक दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी एकीकृत जस्ता उत्पादक और तीसरी सबसे बड़ी चांदी उत्पादक कंपनी है। इसे लगातार दूसरे वर्ष S&P ग्लोबल कॉरपोरेट सस्टेनेबिलिटी असेसमेंट 2024 में दुनिया की सबसे सतत (Sustainable) माइनिंग और मेटल कंपनी के रूप में मान्यता दी गई है।
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