
वाशिंगटन/तेहरान/यरुशलम | अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार देर रात सोशल मीडिया पर एक चौंकाने वाली घोषणा करते हुए कहा कि इसराइल और ईरान के बीच युद्धविराम पर सहमति बन गई है। ट्रंप के अनुसार, यह समझौता अगले 24 घंटों के भीतर लागू होगा और इसके साथ ही “12 दिन से जारी संघर्ष” का औपचारिक अंत हो जाएगा।
ट्रंप ने अपने आधिकारिक अकाउंट से पोस्ट करते हुए लिखा, “यह एक ऐसा युद्ध था जो वर्षों तक खिंच सकता था और पूरे मध्य पूर्व को बर्बाद कर सकता था, लेकिन ऐसा नहीं हुआ और अब कभी नहीं होगा।”
ट्रंप ने इस टकराव को “12 दिवसीय युद्ध” करार दिया, जिसने बीते दिनों खाड़ी क्षेत्र में भारी तनाव पैदा कर दिया था।
ईरान की प्रतिक्रिया: “हम युद्ध नहीं चाहते”
इस घोषणा के कुछ ही घंटों बाद, ईरानी विदेश मंत्री सईद अब्बास अराग़ची ने भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर बयान जारी किया। उन्होंने कहा कि ईरान की ओर से किसी भी प्रकार की जवाबी कार्रवाई इसराइल के आक्रामक रुख पर निर्भर करेगी।
अराग़ची ने लिखा : “अगर इसराइल हमारे समयानुसार सुबह चार बजे से अपने हमले रोक देता है, तो हमारी ओर से भी कोई सैन्य प्रतिक्रिया नहीं होगी।”
उन्होंने स्पष्ट किया कि अभी तक किसी भी युद्धविराम या सैन्य कार्रवाई की समाप्ति पर कोई औपचारिक समझौता नहीं हुआ है, लेकिन माहौल को शांतिपूर्ण बनाए रखने के प्रयास जारी हैं।
अमेरिका की मध्यस्थता ने निभाई बड़ी भूमिका
सीबीएस न्यूज के मुताबिक, अमेरिकी प्रशासन के एक वरिष्ठ अधिकारी ने दावा किया कि इसराइल और ईरान दोनों ने युद्धविराम पर सहमति जताई है। इस समझौते में अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस, विदेश मंत्री मार्को रुबियो, और विशेष दूत स्टीव विटकॉफ की सक्रिय भूमिका रही।
सूत्रों के अनुसार, अमेरिका ने ईरानी पक्ष से प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष दोनों माध्यमों से वार्ताएं कीं। वार्ताओं के बाद यह सहमति बनी कि जब तक ईरान की ओर से कोई हमला नहीं होता, इसराइल सैन्य कार्रवाई नहीं करेगा।
नेतन्याहू और ट्रंप के बीच सीधी बातचीत
सीबीएस की रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि ट्रंप ने इसराइली प्रधानमंत्री बिन्यामिन नेतन्याहू से सीधा संपर्क किया। बातचीत के दौरान नेतन्याहू ने भरोसा दिलाया कि यदि ईरान हमला नहीं करता, तो इसराइल युद्धविराम का पालन करेगा।
अमेरिकी राजनीति में प्रतिक्रिया
अमेरिकी प्रतिनिधि सभा के स्पीकर और रिपब्लिकन नेता माइक जॉनसन ने ट्रंप की घोषणा का समर्थन करते हुए ‘एक्स’ पर लिखा:
“शक्ति के माध्यम से शांति।”
इस बयान के साथ ही ट्रंप की इस पहल को रिपब्लिकन हलकों में राजनीतिक बढ़त के रूप में भी देखा जा रहा है, खासकर ऐसे समय में जब अमेरिका में राष्ट्रपति चुनाव का माहौल गरम है।
युद्ध की पृष्ठभूमि
गौरतलब है कि बीते दो हफ्तों से इसराइल और ईरान के बीच सीधा सैन्य संघर्ष जारी था। संघर्ष की शुरुआत इसराइल द्वारा सीरिया की सीमा के पास ईरानी सैन्य प्रतिष्ठानों पर किए गए एक बड़े हवाई हमले से मानी जा रही है। इसके जवाब में ईरान ने भी इसराइल के सैन्य ठिकानों और तेल अवसंरचना पर मिसाइल हमले किए थे।
संघर्ष के दौरान दोनों देशों ने एक-दूसरे पर सीमाओं का उल्लंघन और नागरिक ठिकानों को निशाना बनाने के आरोप लगाए हैं। इस टकराव में अब तक सैकड़ों लोगों के हताहत होने की रिपोर्टें सामने आ चुकी हैं।
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