
उदयपुर। श्रावण मास की नाग पंचमी पर इस वर्ष भी उदयपुर में भक्ति और श्रद्धा का महासंगम देखने को मिलेगा। गंगु कुंड से उभयेश्वर महादेव तक निकलने वाली 20वीं विशाल कावड़ यात्रा आगामी 29 जुलाई को आयोजित होगी। यह यात्रा लगभग 21 किलोमीटर लंबी होगी, जिसमें इस बार 11 हजार से अधिक कावड़िए भाग लेंगे और भगवान शिव का विशेष जलाभिषेक करेंगे।
शिव महोत्सव समिति की बैठक रविवार को गंगु कुंड परिसर में अध्यक्ष यज्ञ नारायण शर्मा की अध्यक्षता में आयोजित हुई, जिसमें शहर के कई सामाजिक, धार्मिक और राजनीतिक प्रतिनिधियों ने भाग लिया। शर्मा ने बताया कि यह कावड़ यात्रा वर्ष 2006 में केवल 50 श्रद्धालुओं के साथ आरंभ हुई थी। अब यह आयोजन हजारों शिवभक्तों की भागीदारी के साथ भव्य रूप ले चुका है। इस बार भी यह यात्रा गंगु कुंड से प्रारंभ होकर उभयेश्वर महादेव मंदिर तक जाएगी, जहां विभिन्न पवित्र नदियों और तीर्थों से लाए गए जल से शिव का अभिषेक किया जाएगा।
इस अवसर को व्यापक जन-भागीदारी से जोड़ने के लिए समिति द्वारा 21 जुलाई से सात दिवसीय धार्मिक कार्यक्रमों की श्रृंखला भी शुरू की जाएगी। समारोह संयोजक रामकृपा शर्मा ने जानकारी दी कि 21 जुलाई को गंगु कुंड परिसर स्थित राजराजेश्वर महादेव का जलाभिषेक कर समारोह का शुभारंभ होगा। 23 जुलाई को जूना गणेश मंदिर में 101 किलो गुड़ के जल से भगवान गणेश का अभिषेक किया जाएगा, जिसमें 10 विद्वान पंडित मंत्रोच्चार के साथ विधि संपन्न कराएंगे।
24 जुलाई को गंगु कुंड स्थित महादेव और हनुमान मंदिर में संगीतमय भजन-कीर्तन का आयोजन होगा। इसके बाद 26 और 27 जुलाई को नगर निगम सामुदायिक भवन में दो दिवसीय अखंड रामायण पाठ का आयोजन किया जाएगा। समापन से एक दिन पूर्व 28 जुलाई को शाम 6 बजे बजरंग सेना मेवाड़ द्वारा गंगु कुंड पर संगीतमय महा गंगा आरती की जाएगी।
प्रवक्ता कृष्णकांत कुमावत ने बताया कि बैठक में समाजसेवी वरदीचंद चौधरी, एडवोकेट रामकृपा शर्मा, पूर्व पार्षद गिरिश भारती, विप्र फाउंडेशन के नरेंद्र पालीवाल, धर्मोत्सव समिति के दिनेश मकवाना, भूपेंद्र सिंह भाटी, महेन्द्र नागदा, सोहनसिंह खरवड़, उदय सिंह देवड़ा, महेश भावसार, शिवशंकर नागदा, मानसिंह हाड़ा, देवेंद्र बैरवा, नरेश वैष्णव, पुरुषोत्तम पाराशर, नवीन व्यास, डॉ. ओम साहू, लक्ष्मीलाल शर्मा, भरत मेघवाल, सुरेश रावत, नितेश पुरोहित, रानी भाटिया सहित कई गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। सभी ने यात्रा को सफल बनाने के लिए अपने सुझाव दिए और सहभागिता का भरोसा दिलाया।
समिति द्वारा यात्रा मार्ग में सभी आवश्यक सुविधाएं—जैसे पेयजल, स्वास्थ्य शिविर, साफ-सफाई और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम सुनिश्चित किए जाएंगे। आयोजन को लेकर शहरवासियों में विशेष उत्साह देखा जा रहा है और बड़ी संख्या में लोग इस महायात्रा का हिस्सा बनने की तैयारी कर रहे हैं।
यह कावड़ यात्रा केवल एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि जन-आस्था, सांस्कृतिक चेतना और सामाजिक एकता का प्रतीक बन चुकी है। 29 जुलाई को जब हजारों श्रद्धालु “हर हर महादेव” के जयघोष के साथ कंधों पर कावड़ उठाएंगे, तो पूरा शहर शिवमय हो उठेगा।
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