
पटना। राजधानी पटना के पारस अस्पताल में गुरुवार सुबह एक सनसनीखेज वारदात सामने आई है। इलाज के लिए भर्ती किए गए कुख्यात अपराधी चंदन मिश्रा की पांच हथियारबंद बदमाशों ने फिल्मी अंदाज में अस्पताल के अंदर घुसकर गोली मारकर हत्या कर दी। पूरी घटना अस्पताल परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरे में रिकॉर्ड हो गई है।
सीसीटीवी फुटेज में साफ-साफ देखा जा सकता है कि पांच युवक बिना किसी रोक-टोक के अस्पताल में दाखिल होते हैं। उनके हाथों में हथियार होते हैं और वे सीधे उस वार्ड की ओर बढ़ते हैं जहां चंदन मिश्रा का इलाज चल रहा था। चंदन को देखते ही वे उस पर ताबड़तोड़ गोलियां चलाते हैं और फिर फरार हो जाते हैं। हैरान करने वाली बात यह रही कि इस दौरान अस्पताल में कहीं भी कोई सुरक्षा गार्ड नजर नहीं आया।
जानकारी के मुताबिक, बक्सर का कुख्यात अपराधी चंदन मिश्रा कई आपराधिक मामलों में आरोपी था और एक मामले में उसे सजा भी मिल चुकी थी। हाल ही में उसकी तबीयत बिगड़ने पर उसे जेल से इलाज के लिए पटना के पारस अस्पताल में शिफ्ट किया गया था। इसी दौरान विरोधी गुट के बदमाशों ने अस्पताल में घुसकर उस पर हमला कर दिया।
पुलिस की शुरुआती जांच गैंगवॉर की ओर इशारा कर रही है।
पटना के एसएसपी कार्तिकेय शर्मा ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि चंदन मिश्रा बेहद खतरनाक अपराधी था और उसकी गैंग से लंबे समय से कई आपराधिक वारदातें जुड़ी रही हैं। कुछ दिन पहले ही उसे बक्सर से भागलपुर जेल ट्रांसफर किया गया था, लेकिन तबीयत खराब होने के चलते वह अस्पताल में भर्ती था।
इस बीच, पुलिस आईजी जितेंद्र राणा ने कहा कि यह मामला आपसी गैंगवॉर या पुरानी रंजिश से जुड़ा हो सकता है। उन्होंने बताया कि अस्पताल में भर्ती के दौरान ही कुछ हथियारबंद बदमाशों ने चंदन पर फायरिंग कर दी। उसे कई गोलियां लगीं और मौके पर ही उसकी मौत हो गई।
पूरी घटना की जांच शुरू कर दी गई है।
आईजी ने यह भी कहा कि अस्पताल प्रशासन और सुरक्षाकर्मियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है। इस बात से इनकार नहीं किया जा सकता कि अपराधियों को अंदर घुसने में किसी की मदद मिली हो। अस्पताल में तैनात सभी गार्ड्स और स्टाफ से पूछताछ की जाएगी।
फिलहाल पुलिस सीसीटीवी फुटेज के आधार पर हमलावरों की पहचान करने में जुटी है और बक्सर पुलिस से भी संपर्क में है। चंदन मिश्रा की हत्या ने न केवल पटना बल्कि पूरे बिहार की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
यह वारदात कानून व्यवस्था की उस कड़वी सच्चाई को उजागर करती है, जहां अपराधी अस्पताल जैसी सुरक्षित जगहों पर भी मौत का खेल खेलने से नहीं डरते।
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