
उदयपुर। नगर निगम उदयपुर द्वारा आयोजित दीपावली मेले का शनिवार को रंगारंग आगाज़ हुआ। दीपों की रोशनी और संगीत की लय के बीच जब स्थानीय कलाकारों ने मंच संभाला तो पूरा पंडाल तालियों की गूंज से भर उठा। सांस्कृतिक कार्यक्रम का शुभारंभ जिला कलक्टर नमित मेहता, निगम आयुक्त अभिषेक खन्ना और निवर्तमान सांस्कृतिक समिति अध्यक्ष चंद्रकला बोलिया ने मां सरस्वती की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित कर किया।
पहले ही दिन ‘स्मार्ट सिटी उदयपुर’ की 22 स्थानीय प्रतिभाओं ने अपनी नृत्य, संगीत और अभिनय प्रस्तुतियों से ऐसा समां बांधा कि दर्शक देर रात तक झूमते रहे। कार्यक्रम की शुरुआत नन्ही तन्वी गुर्जर की आकर्षक गणपति वंदना से हुई, जिसने पूरे वातावरण को भक्तिमय बना दिया। इसके बाद कृष सोनी ने वृंदावन आवो नी और रूजेन हसन ने तू पहला पहला प्यार है मेरा जैसे गीतों पर शानदार प्रस्तुति दी।

रिद्धिमा माहेश्वरी के सेमी-क्लासिकल डांस ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया, जबकि तीर्थ माली की कॉमिक प्रस्तुति लुक छुप ना जावे जी ने सबका मन बहला दिया। इसके बाद एक के बाद एक कलाकार मंच पर आए — नयन जैन ने अजीब दास्तां है ये गाकर दर्शकों की भावनाएं छू लीं, वहीं दियारा जुनेजा के ऊर्जावान डांस पर पूरा हॉल तालियों से गूंज उठा।
शाम के दूसरे हिस्से में रेखा कुमारी और अंशिका सिंह ने जब सुरों की महफ़िल सजाई तो दर्शक भी उनके साथ गुनगुनाने लगे। इसी क्रम में यश मारू, सिद्धार्थ राव, कोमल डांगी, अंशुमान चटर्जी, योगेश उपाध्याय, खनक पालीवाल और विलसी दाधीच जैसे स्थानीय कलाकारों ने अपनी प्रस्तुतियों से वाहवाही लूटी।
योग और नृत्य का अनोखा संगम
कार्यक्रम में शुभम पुरबिया, मोनल सैन और उनके समूह ने ‘आई गिरी नंदिनी’ पर ऐसा प्रदर्शन किया जिसमें योगासन और नृत्य का अनूठा मेल दिखा। सात बाल कलाकारों के इस समूह ने पारंपरिक भारतीय तत्वों और आधुनिक प्रस्तुति शैली का सम्मिश्रण कर दर्शकों को खड़े होकर तालियां बजाने पर मजबूर कर दिया।

आश्रय संस्थान की बालिकाओं की भावनात्मक प्रस्तुति
मेले का सबसे भावुक क्षण तब आया जब आश्रय सेवा संस्थान की निराश्रित बालिकाओं ने रामायण की जीवंत प्रस्तुति दी। 18 बालिकाओं ने राम, लक्ष्मण, सीता, हनुमान और रावण जैसे किरदारों को इतने सजीव ढंग से निभाया कि पूरा वातावरण भक्ति और भावनाओं से भर उठा। राम-रावण युद्ध के दृश्य ने दर्शकों को स्तब्ध कर दिया।
आयुक्त अभिषेक खन्ना ने कहा, “निगम का यह मंच उन प्रतिभाओं के लिए है, जो समाज की सीमाओं से परे अपनी कला के बल पर आगे बढ़ना चाहती हैं। हमें गर्व है कि यह मंच ऐसे कलाकारों को पहचान दिलाने का माध्यम बन रहा है।”
स्वच्छता अभियान पर जनजागरण
दीपावली मेला केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं, बल्कि सामाजिक संदेश देने का भी मंच बना। निगम के पुलिस निरीक्षक मांगीलाल डांगी द्वारा निर्मित एक बाल फिल्म का प्रदर्शन किया गया, जो सिंगल यूज़ प्लास्टिक के दुष्प्रभावों पर आधारित थी। कठपुतली किरदारों के माध्यम से फिल्म ने बच्चों और बड़ों दोनों को पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया।
आयुक्त खन्ना ने कहा कि यदि शहर में सिंगल यूज़ प्लास्टिक का उपयोग बंद हो जाता है, तो उदयपुर आगामी स्वच्छता सर्वेक्षण में उच्च श्रेणी में शामिल होगा।

फिर मंच पर आएंगे उभरते सितारे
निगम की ओर से आयोजित दीपावली मेले में रविवार को भी स्थानीय कलाकारों को अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर मिलेगा। संगीत, नृत्य और अभिनय की प्रस्तुतियों के माध्यम से शहर के उभरते सितारे एक बार फिर मंच पर रंग बिखेरेंगे। निगम प्रशासन का उद्देश्य इन कार्यक्रमों के ज़रिए स्थानीय युवाओं को एक ऐसा मंच देना है, जहाँ वे अपनी कला को समाज के सामने प्रस्तुत कर सकें।






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