
उदयपुर। उर्दू ज़बान के फ़रोग़़, स्त्री शिक्षा के सशक्तिकरण और क़ौमी एकता के पाकीज़ा उद्देश्यों को सामने रखते हुए अंजुमन तरक़्क़ी उर्दू (हिन्द) राजस्थान की अध्यक्ष, वरिष्ठ लेखिका प्रोफ़ेसर सरवत ख़ान की सदारत में अंजुमन तरक़्क़ी उर्दू (हिन्द) उदयपुर की नई ज़िला कार्यकारिणी का सर्वसम्मति से गठन किया गया। इसी अवसर पर पहली बार राज्य स्तर पर अंजुमन तरक़्क़ी उर्दू (हिन्द) राजस्थान की कार्यकारिणी का भी गठन किया गया।
इस अवसर पर प्रोफ़ेसर सरवत ख़ान ने कहा कि अंजुमन तरक़्क़ी उर्दू उदयपुर वर्ष 2013 से निरंतर साहित्यिक, शैक्षणिक और सांस्कृतिक गतिविधियों में अहम भूमिका निभा रही है। संस्था की ओर से उर्दू के साथ-साथ हिन्दी, राजस्थानी, संस्कृत और अंग्रेज़ी भाषाओं में राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर के फ़ेस्टिवल, मुशायरे, सेमिनार, वर्कशॉप और संगोष्ठियों का आयोजन किया जाता रहा है। साथ ही युवाओं और महिलाओं के लिए तीन माह की निःशुल्क उर्दू कक्षाएं भी नियमित रूप से संचालित की जा रही हैं।
उन्होंने बताया कि अंजुमन तरक़्क़ी उर्दू की शाखाएं देश के लगभग सभी राज्यों में सक्रिय हैं, जबकि राजस्थान के दस ज़िलों में इसकी इकाइयां कार्यरत हैं। संस्था का केंद्रीय कार्यालय दिल्ली में स्थित है और यह क़रीब दो सौ वर्ष पुरानी, पंजीकृत और प्रतिष्ठित साहित्यिक संस्था है।
उदयपुर ज़िला कार्यकारिणी में संरक्षक के रूप में अजय मेहता, प्रोफ़ेसर सरवत ख़ान और आबिद आदिब को मनोनीत किया गया। अध्यक्ष पद की ज़िम्मेदारी शब्बीर के. मुस्तफ़ा को सौंपी गई, जबकि कार्यकारी अध्यक्ष के रूप में डॉ. स्मिता सिंह और दीपक सुखाड़िया चुने गए। उपाध्यक्ष पद पर बसंत सिंह सोलंकी, ज़ोहरा ख़ान, अकबर और रुख़्शी शेख़ को नियुक्त किया गया। महासचिव के रूप में इंजी. उमर फ़ारूख़ ओमान, गौरव सिंघवी और मनोज गीतांकर को ज़िम्मेदारी दी गई। सचिव शाइस्ता, संयुक्त सचिव डॉ. आफ़रीन शब्बर, डॉ. तरन्नुम मंसूरी और डॉ. फ़रीद बनाए गए। कोषाध्यक्ष डॉ. सिद्दीक़ा हुसैन और फ़िरदौस नियुक्त हुईं, जबकि कार्यकारिणी सदस्य के रूप में ज़ाहिद मोहम्मद, अनीस, जगवीर सिंह, कविश और सुनील टांक को शामिल किया गया।
राज्य स्तरीय कार्यकारिणी (राजस्थान) में संरक्षक के रूप में डॉ. जे. के. तालिया, अध्यक्ष प्रोफ़ेसर सरवत ख़ान तथा उपाध्यक्ष पद पर डॉ. शौकत परवीन, इक़बाल सागर, डॉ. हुसैन रज़ा ख़ान (जयपुर), हरीश तलरेजा और प्रोफ़ेसर सुधा चौधरी को चुना गया। सचिव पद पर डॉ. प्रेम सिंह भंडारी, संयुक्त सचिव के रूप में प्रोफ़ेसर ज़ैनब बानो, ज़ोहरा आबिद, डॉ. कुलसुम बानो और प्रोफ़ेसर सौलत अली ख़ान (टोंक) नियुक्त किए गए। कोषाध्यक्ष की ज़िम्मेदारी शंकर लाल चौधरी को सौंपी गई। कार्यकारिणी सदस्य के रूप में प्रोफ़ेसर फ़रहत बानो, डॉ. हिना ख़ान, प्रोफ़ेसर सरिता चाहर, रजनी कुलश्रेष्ठ और असग़र अली को शामिल किया गया।
बैठक के अंत में सभी नव-नियुक्त पदाधिकारियों ने संगठन को और अधिक सक्रिय, पारदर्शी और परिणामोन्मुखी बनाने तथा उर्दू भाषा और साहित्य के संरक्षण व विकास के लिए निरंतर कार्य करने का संकल्प व्यक्त किया।
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