
कांग्रेस का आरोप— राजस्थान में साजिश के तहत कटवाए गए 45 लाख वोट, उदयपुर में रिटायर्ड डिविजनल कमिश्नर ने विधायक पर लगाए गंभीर आरोप
उदयपुर/नई दिल्ली। राजस्थान में कथित वोट चोरी को लेकर कांग्रेस ने भाजपा के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। दिल्ली से लेकर उदयपुर तक यह मुद्दा गरमाया हुआ है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने भाजपा पर लोकतंत्र के साथ खिलवाड़ करने का आरोप लगाते हुए कहा कि सुनियोजित साजिश के तहत प्रदेश में करीब 45 लाख मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से काटे गए हैं।
नई दिल्ली स्थित अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (AICC) मुख्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता में डोटासरा ने नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली के साथ भाजपा पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि सस्पेंशन, इंप्रूवमेंट एंड रोटेशन (SIR) प्रक्रिया के बाद जारी ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में लाखों नाम गायब हैं, जिन्हें “अनुपस्थित, स्थानांतरित या मृत” की श्रेणी में डालकर हटाया गया।
डोटासरा ने आरोप लगाया कि यह पूरी प्रक्रिया भाजपा को चुनावी लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से की गई है। उन्होंने कहा कि भाजपा संगठन महासचिव बी.एल. संतोष के 3 जनवरी के राजस्थान दौरे और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के 13 जनवरी के दौरे के बाद नाम काटने की प्रक्रिया में अचानक तेजी आई।
कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष ने चुनाव आयोग की वेबसाइट के आंकड़ों का हवाला देते हुए बताया कि 17 दिसंबर से 14 जनवरी के बीच भाजपा के 937 बीएलए के माध्यम से 5,694 नाम काटने के आवेदन दिए गए, जबकि कांग्रेस के 110 बीएलए द्वारा केवल 2 नाम हटाने के आवेदन किए गए। उन्होंने इसे भाजपा की मंशा का स्पष्ट प्रमाण बताया।
डोटासरा ने दावा किया कि प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में 10 से 15 हजार फर्जी कंप्यूटराइज्ड फॉर्म प्रिंट कराए गए और खासतौर पर उन क्षेत्रों को निशाना बनाया गया, जहां कांग्रेस ने पिछला चुनाव जीता था।
प्रेस वार्ता में उन्होंने चौंकाने वाले आंकड़े भी रखे—
झुंझुनू जिले में एक ही दिन में 13,882 फॉर्म-7
मंडावा विधानसभा में 16,276 फॉर्म
उदयपुरवाटी में 1,241 और खेतड़ी में 1,478 फॉर्म
अब तक कुल 1.40 लाख फॉर्म रजिस्टर किए जा चुके हैं
डोटासरा ने आशंका जताई कि भाजपा और चुनाव आयोग की मिलीभगत से नाम कटवाने की समय-सीमा बढ़ाई गई।
उदयपुर में भी कांग्रेस ने खोला मोर्चा
इस मामले को लेकर कांग्रेस ने उदयपुर में विधायक का पुतला भी फूंका। इधर, उदयपुर में एक रिटायर्ड डिविजनल कमिश्नर अहसान अहमद छीपा का ऑडियो-वीडियो सामने आया है, जिसमें वे विधायक ताराचंद जैन पर मतदाता सूची से नाम कटवाने का आरोप लगाते हुए सुने जा रहे हैं। पूर्व अधिकारी ने मौजूदा प्रशासनिक अधिकारियों से भी बातचीत करने और कोर्ट जाने की चेतावनी दी है। हालांकि कुछ लोग पूर्व अधिकारी की कार्यशैली और उनके बातचीत के लहजे पर सवाल खड़े कर रहे हैं। यह बात अलग है कि बातचीत के दौरान अधिकारी व विधायक बचाव की मुद्रा में दिखाई दिए।
कांग्रेस ने चुनाव आयोग से तत्काल हस्तक्षेप की मांग करते हुए चेतावनी दी है कि यदि कथित अनियमितताओं को नहीं रोका गया, तो प्रदेशभर में व्यापक आंदोलन किया जाएगा।
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