पाकिस्तान का वॉर मजबूरी प्लान : ईंधन बचाने के लिए स्कूल बंद और वर्क फ्रॉम होम लागू

इस्लामाबाद। खाड़ी क्षेत्र में बढ़ते तनाव और तेल की कीमतों में भारी उछाल के बीच पाकिस्तान सरकार ने देश में ईंधन की खपत को कम करने के लिए आपातकालीन कदम उठाए हैं। प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने स्पष्ट किया कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमतें पाकिस्तान के नियंत्रण में नहीं हैं, इसलिए घरेलू स्तर पर बचत ही एकमात्र विकल्प है।

प्रधानमंत्री द्वारा घोषित 14-सूत्रीय योजना के मुख्य बिंदु निम्नलिखित हैं:

कार्य सप्ताह में कटौती: सभी सरकारी कार्यालय अब सप्ताह में केवल 4 दिन काम करेंगे। यह नियम बैंकों, उद्योगों और कृषि क्षेत्र पर लागू नहीं होगा।

वर्क फ्रॉम होम (WFH): सार्वजनिक और निजी क्षेत्र की कंपनियों को निर्देश दिया गया है कि वे अपने 50% कर्मचारियों से घर से काम कराएं।

शिक्षण संस्थानों की बंदी: देश भर के सभी स्कूल और कॉलेज अगले दो हफ्तों के लिए बंद रहेंगे। उच्च शिक्षण संस्थान (यूनिवर्सिटी) तत्काल प्रभाव से ऑनलाइन लर्निंग पर शिफ्ट होंगे।

ईंधन कोटे में कटौती: अगले दो महीनों के लिए सरकारी वाहनों के ईंधन कोटे में 50% की कटौती की गई है (एम्बुलेंस और सार्वजनिक बसों को छोड़कर)। इसके अलावा, 60% सरकारी वाहनों को सड़कों से हटाने का निर्णय लिया गया है।

वेतन में कटौती: सभी सांसदों (MPs) के वेतन में 25% की कटौती की जाएगी।

संघीय कैबिनेट के सदस्य अगले दो महीनों तक वेतन नहीं लेंगे।

ग्रेड-20 और उससे ऊपर के अधिकारियों (जिनका वेतन 3 लाख रुपये से अधिक है) के वेतन से दो दिन की कटौती कर जनता को राहत देने के लिए इस्तेमाल किया जाएगा।

अन्य प्रतिबंध: सरकारी खर्चों में 20% की कटौती, नई गाड़ियों, एयर कंडीशनर और फर्नीचर की खरीद पर पूर्ण प्रतिबंध, और मंत्रियों की अनावश्यक विदेश यात्राओं पर रोक लगा दी गई है। आधिकारिक इफ्तार पार्टियों और डिनर पर भी पाबंदी रहेगी।

समुद्री सुरक्षा : ऑपरेशन ‘मुहाफिज-उल-बहर

ईंधन आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए पाकिस्तान नौसेना ने ‘ऑपरेशन मुहाफिज-उल-बहर’ शुरू किया है। इसके तहत नौसेना के जहाज खाड़ी से आने वाले व्यापारिक जहाजों और तेल टैंकरों को सुरक्षा (Escort) प्रदान कर रहे हैं ताकि ऊर्जा आपूर्ति निर्बाध बनी रहे।

 

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