अंडरवर्ल्ड पर बड़ा प्रहार : दाऊद का करीबी सलीम डोला तुर्की से प्रत्यर्पित, 5000 करोड़ के ड्रग साम्राज्य का था मास्टरमाइंड

नई दिल्ली। सीमा पार से संचालित होने वाले नशीले पदार्थों के काले कारोबार के खिलाफ भारतीय सुरक्षा एजेंसियों को एक बड़ी रणनीतिक सफलता मिली है। भगोड़े अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम के बेहद करीबी और अंतरराष्ट्रीय ड्रग सिंडिकेट के मुख्य संचालक सलीम डोला को मंगलवार तड़के तुर्की से प्रत्यर्पित कर भारत लाया गया।

इंटरपोल और खुफिया एजेंसियों का साझा ऑपरेशन सूत्रों के मुताबिक, भारतीय खुफिया एजेंसियों और अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा इकाइयों के बीच चले एक समन्वित अभियान के बाद डोला को इस्तांबुल में गिरफ्तार किया गया था। यह कार्रवाई सीबीआई द्वारा जारी ‘इंटरपोल रेड कॉर्नर नोटिस’ के आधार पर की गई। मंगलवार तड़के उसे एक विशेष विमान से दिल्ली एयरपोर्ट लाया गया, जहां से उसे कड़ी सुरक्षा के बीच पूछताछ के लिए ले जाया गया।

पूछताछ और आगामी कार्रवाई सलीम डोला वर्तमान में दिल्ली में केंद्रीय एजेंसियों की हिरासत में है। प्रारंभिक पूछताछ के बाद उसे मुंबई स्थित नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) को सौंपा जाएगा। डोला पर लगभग 5,000 करोड़ रुपये के अंतरराष्ट्रीय ड्रग साम्राज्य को संचालित करने का आरोप है। जांचकर्ताओं का मानना है कि इस ड्रग सिंडिकेट से होने वाली कमाई का इस्तेमाल भारत विरोधी गतिविधियों और टेरर फंडिंग के लिए किया जा रहा था।

पूरा नेटवर्क हुआ ध्वस्त डोला का प्रत्यर्पण इस सिंडिकेट के खिलाफ चल रही कार्रवाई की एक बड़ी कड़ी है। इससे पहले:

जून 2025 : डोला के बेटे ताहिर डोला को यूएई से लाया गया।

अक्टूबर 2025 : प्रमुख सहयोगी सोहेल शेख को दुबई से प्रत्यर्पित कर मुंबई एंटी-नारकोटिक्स सेल ने गिरफ्तार किया।

अपराध का इतिहास : गुटखे से फेंटानिल तक 1966 में मुंबई में जन्मा सलीम डोला अंडरवर्ल्ड सरगना छोटा शकील का खास रहा है। उसने अपने आपराधिक सफर की शुरुआत गुटखा तस्करी से की थी, जो बाद में सिंथेटिक ड्रग्स (जैसे फेंटानिल और ‘बटन’) के वैश्विक निर्माण और वितरण तक फैल गया। 2018 में फेंटानिल के एक मामले में जमानत मिलने के बाद वह चकमा देकर यूएई भाग गया था।

विशेषज्ञों का मानना है कि डोला की गिरफ्तारी दाऊद नेटवर्क के वित्तीय आधार को तोड़ने की दिशा में निर्णायक कदम साबित होगी।

 

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