पूर्व उपराष्ट्रपति भैरोंसिंह शेखावत की 16वीं पुण्यतिथि : उदयपुर में उमड़ा जनसैलाब, ‘अंत्योदय’ के प्रणेता को दी भावभीनी श्रद्धांजलि

उदयपुर | राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री, देश के पूर्व उपराष्ट्रपति और ‘बाबोसा’ के नाम से जन-जन के हृदय में बसने वाले पद्म भूषण स्वर्गीय भैरोंसिंह शेखावत की 16वीं पुण्यतिथि के अवसर पर शुक्रवार को उदयपुर में भव्य श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। रानी रोड स्थित उनके स्मृति स्थल पर भाजपा कार्यकर्ताओं और शहर के गणमान्य नागरिकों ने उनकी प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें नमन किया।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि केंद्रीय सांस्कृतिक एवं पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने स्वर्गीय शेखावत के व्यक्तित्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि वे केवल एक राजनेता नहीं, बल्कि सुशासन और संवेदनशील राजनीति के जीवंत प्रतीक थे। उन्होंने कहा, “भैरोंसिंह जी ने पंडित दीनदयाल उपाध्याय के ‘अंत्योदय’ विचार को व्यवहार में उतारा और हमेशा गरीब को ही ‘गणेश’ मानकर उनकी सेवा की।”

उन्होंने अपने संस्मरण साझा करते हुए बताया कि शेखावत जी का कार्यकर्ताओं के साथ गहरा आत्मीय जुड़ाव था और वे हर छोटे से छोटे कार्यकर्ता को पूरा मान-सम्मान देते थे।

श्रद्धांजलि सभा में उपस्थित अन्य वक्ताओं ने भी शेखावत जी के योगदान को याद किया:

भाजपा शहर जिला अध्यक्ष गजपाल सिंह राठौड़ ने कहा कि शेखावत जी का जीवन हर भाजपा कार्यकर्ता के लिए प्रेरणास्रोत है और पार्टी उनके दिखाए मार्ग पर चलकर अंतिम व्यक्ति के उत्थान के लिए प्रतिबद्ध है।

सांसद डॉ. मन्नालाल रावत ने उनके व्यक्तित्व को भारतीय लोकतंत्र की अमूल्य धरोहर बताया।

प्रमोद सामर (सहकारिता प्रकोष्ठ संयोजक) ने उनके राजनीतिक जीवन में ईमानदारी और पारदर्शिता की मिसाल पेश की।

सभा के दौरान वक्ताओं ने शेखावत जी के कार्यकाल की उन योजनाओं को याद किया जिन्होंने राजस्थान के विकास की नींव रखी। विशेष रूप से ग्रामीण विकास और वंचित वर्गों के लिए शुरू की गई योजनाओं की आज भी प्रासंगिकता पर चर्चा की गई।

इस अवसर पर पूर्व महापौर रजनी डांगी, पूर्व उप महापौर महेंद्र सिंह शेखावत, महामंत्री पारस सिंघवी, मंडल अध्यक्ष रणजीत सिंह दिगपाल, मीडिया सह प्रभारी कृष्णकांत कुमावत सहित बड़ी संख्या में पार्षद, पार्टी पदाधिकारी और आमजन उपस्थित रहे। कार्यक्रम का सफल संचालन पारस सिंघवी ने किया और अंत में आभार रणजीत सिंह दिगपाल ने व्यक्त किया।

“भैरोंसिंह शेखावत का कर्मशील जीवन, सादगी और दूरदर्शिता आने वाली पीढ़ियों के लिए सदैव एक आदर्श बनी रहेगी।”

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