
झुंझुनूं/जयपुर। राजस्थान के पूर्व मंत्री राजेंद्र गुढ़ा सोमवार को झुंझुनूं कलेक्ट्रेट के बाहर विरोध प्रदर्शन के दौरान अचानक तबीयत बिगड़ने से सड़क पर गिर पड़े। वह जिले के इस्लामपुर गांव का नाम बदलकर ‘श्रीरामपुर’ करने के प्रस्ताव के खिलाफ 22 किलोमीटर लंबी पदयात्रा का नेतृत्व कर रहे थे। भीषण गर्मी और उमस के बीच कई घंटों तक पैदल चलने के कारण उन्हें लू (हीटस्ट्रोक) और अत्यधिक थकावट की शिकायत हुई। हालांकि, होश में आने के बाद भी उन्होंने इलाज के लिए अस्पताल जाने से साफ मना कर दिया।
यह विवाद तब शुरू हुआ जब सूरजगढ़ के विधायक राजेंद्र भांबू ने इस्लामपुर का नाम बदलकर श्रीरामपुर करने की सिफारिश का प्रस्ताव मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) को भेजा। इसके बाद मुख्यमंत्री कार्यालय ने झुंझुनूं जिला प्रशासन से इस संबंध में रिपोर्ट मांगी थी। इस प्रस्ताव के विरोध में सोमवार सुबह इस्लामपुर गांव से कलेक्ट्रेट तक एक विशाल मार्च निकाला गया, जिसमें बड़ी संख्या में ग्रामीण शामिल हुए।
कलेक्ट्रेट परिसर के बाहर टेंट की अनुमति न मिलने पर नाराजगी जताते हुए राजेंद्र गुढ़ा ने कहा, “प्रशासन ने हमें टेंट लगाने की अनुमति नहीं दी, यहाँ छाया तक नहीं है। जब मेरे भाई 45 डिग्री तापमान में धूप में खड़े हैं, तो मैं आराम कैसे कर सकता हूँ?” उन्होंने शेखावाटी के सांप्रदायिक सौहार्द और इतिहास का हवाला देते हुए कहा कि मुसलमानों ने हर युद्ध में राव शेखा का साथ दिया था और सूफी संत शेख बुरहान का सभी सम्मान करते हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि आज गांव का नाम बदला गया, तो कल शेखावाटी का नाम बदलने की कोशिश होगी, जिसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
घटना के बाद ग्रामीणों के एक प्रतिनिधिमंडल ने जिला कलेक्टर अरुण गर्ग को ज्ञापन सौंपा और गांव की विरासत से जुड़े करीब 200 साल पुराने दस्तावेज (1897 के अभिलेखों सहित) सौंपे। प्रदर्शनकारियों का तर्क है कि नाम बदलने के प्रस्ताव का कोई ऐतिहासिक आधार नहीं है। मामले पर झुंझुनूं जिला कलेक्टर अरुण गर्ग ने कहा कि प्रशासन को नाम बदलने का आवेदन मिला है और इसकी जांच जारी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि निर्णय किसी दबाव में नहीं, बल्कि ऐतिहासिक रिकॉर्ड और तथ्यों के आधार पर किया जाएगा। यह प्रक्रिया जिला स्तर के बाद राज्य और फिर केंद्र सरकार की मंजूरी के बाद ही पूरी होती है।
About Author
You may also like
वेदांता का ऐतिहासिक धमाका : BSE और NSE पर एक साथ 4 नई कंपनियों की लिस्टिंग, चेयरमैन अनिल अग्रवाल बोले- “यह भारत का समय है”
मानसून मेंटेनेंस या सिर्फ खानापूर्ति? पहली ही बारिश में उदयपुर हुआ गुल, निगम के दावों की खुली पोल
महाराणा प्रताप जयंतीअ: डॉ. लक्ष्यराज सिंह मेवाड़ ने किया विशेष पूजन, युवाओं को दिया राष्ट्रसेवा का संदेश
हौसलों की उड़ान: उदयपुर के 33 खिलाड़ियों का राष्ट्रीय पेंचक सिलाट चैम्पियनशिप के लिए चयन, नासिक में दिखाएंगे राजस्थान का दम
महाराणा प्रताप शौर्य और मातृभूमि प्रेम के प्रतीक : भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा प्रदेश प्रवक्ता इकराम राशिद कुरैशी
