उदयपुर। कांग्रेस के टिकट पर जीत कर आने वाले पार्षद लोकेश गौड़ ने आखिर बीजेपी ज्वाइन कर ली।
इनका यह निर्णय जरा भी चौंकाने वाला नहीं था क्योंके पार्षद बनने के बाद बोर्ड की पहली बैठक में कांग्रेस खेमे में बैठकर बीजेपी नेताओं का समर्थन करते और हर वाक्य में भाई साहब भाई का जिक्र करने पर पांच साल पहले ही इन्हें कुछ लोगों ने कहा था कि आपको बीजेपी ज्वाइन कर लेनी चाहिए।
बाहर बैठे लोग उनके हावभाव समझ गए थे, लेकिन कांग्रेस नेता नहीं समझ पाए। इसके बावजूद पार्षद के रूप में लोकेश गौड़ कांग्रेस में खुद को नेता प्रतिपक्ष का दावेदार बताते रहे। ये उस क्षेत्र से पार्षद चुने गए थे जो बीजेपी वोटर्स का क्षेत्र माना जाता है।
ऐसे में विधानसभा चुनावों में वहां कांग्रेस कैसे सेंधमारी कर सकती है। कांग्रेस नेताओं को अपनी ही पार्टी के अंदर बैठे ऐसे लोगों को पहचानना पड़ेगा, तभी वे आने वाले समय में कुछ ज्यादा पार्षद जीता सकती है और विधानसभा व लोकसभा में हार के अंतर को कम कर सकती है।
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