फोटो : कमल कुमावत

उदयपुर। श्रद्धा, भक्ति और लोक आस्था के प्रतीक श्री सगसजी बावजी का पावन जन्मोत्सव शुक्रवार को उदयपुर स्थित श्री सगसजी राज मंदिर (सर्वऋतु विलास) में धार्मिक हर्षोल्लास, आध्यात्मिक उमंग और गगनभेदी जयघोषों के साथ मनाया गया। इस पावन अवसर पर कुम्हारों का भट्टा सहित शहर के विभिन्न क्षेत्रों में भक्ति की अलख जगाई गई। भक्तों ने अपने आराध्य लोकदेवता के चरणों में उपस्थित होकर आशीर्वाद प्राप्त किया।
विशेष श्रृंगार और पूजन अनुष्ठान
पुजारी प्रकाश दशोरा ने बताया कि श्री बावजी महाराज को इस शुभ दिन स्वर्ण-रजत की बरक, रजत चंद्रमा, छत्र, चंवर, तलवार, ढाल सहित दिव्य आभूषणों से श्रृंगारित किया गया। यह दृश्य भक्तों के लिए भक्ति और श्रद्धा से सराबोर एक अद्भुत अनुभव रहा।
सुबह 7 बजे से ही मंदिर द्वार भक्तों के लिए खोल दिए गए। मंगल दर्शन हेतु भक्तों की लम्बी कतारें लगी रहीं। 9:30 बजे ज्योति प्रज्वलन, ध्वजारोहण और महाशृंगार आरती का आयोजन हुआ। दोपहर में महिलाओं के लिए विशेष दर्शन व्यवस्था रखी गई, जिससे हर कोई सगसजी के दर्शन का लाभ प्राप्त कर सका।

भक्ति संगीत की अनुपम संध्या
संध्या के समय, 7:30 बजे से भव्य भजन संध्या का आयोजन हुआ, जहाँ वातावरण भजन रस में डूब गया।
प्रसिद्ध भजन गायक देवेंद्र पंवार, सुनंदा चौबीसा, संजू-शिवम् और लोकेश तूफानी ने अपनी दिव्य प्रस्तुतियों से श्रद्धालुओं को भक्ति सागर में सराबोर कर दिया। एक-एक भजन के साथ मंदिर प्रांगण गूंजता रहा – “जय सगसजी बावजी की…”
महाआरती और भोग प्रसादी
रात्रि 12:30 बजे 51 किलो मावे से बना विशेष भोग सगसजी को अर्पित किया गया और इसके उपरांत महाआरती हुई, जिसमें सैकड़ों श्रद्धालु दीप जलाकर शामिल हुए। यह क्षण भक्तों के लिए भावविभोर कर देने वाला था।

सेवा, सजावट और समर्पण
पूरे मंदिर परिसर को विद्युत सजावट से दिव्य आभा प्रदान की गई थी। शहर के प्रमुख मार्गों पर भी दैनिक श्रृंगार और झिलमिल रोशनी से उत्सव की छटा बिखरी रही।
जूता-चप्पल स्टैंड, प्रसाद वितरण, सेवा कार्य सहित निराश्रित बच्चों को भोजन वितरण जैसी सेवा गतिविधियों ने आयोजन को सच्चे लोक-सेवा उत्सव का रूप दे दिया।
आगामी कार्यक्रम
इस धार्मिक श्रृंखला में 2 और 3 अगस्त को भी दर्शन और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा, जिसमें भक्तजन पुनः सगसजी बावजी के दिव्य रूप और कृपा के दर्शन का सौभाग्य प्राप्त कर सकेंगे।
जय सगसजी बावजी महाराज की!
सदियों से जन-जन की आस्था के केंद्र रहे सगसजी महाराज के इस पावन जन्मोत्सव ने उदयपुर शहर को भक्ति की गंगा में सराबोर कर दिया।





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