
कानपुर। आल इंडिया आदिवासी एम्प्लॉयी फेडरेशन का 52वां अखिल भारतीय राष्ट्रीय अधिवेशन कानपुर में आयोजित किया गया। इस गरिमामयी अवसर पर राजस्थान राज्य के अध्यक्ष डॉ. दिनेश खराड़ी को “राष्ट्रीय आदिवासी समाज रत्न पुरस्कार 2024” से सम्मानित किया गया। यह सम्मान उन्हें गोवा सरकार के एसटी-एससी आयोग के चेयरपर्सन दीपक करमलकर ने प्रदान किया।

कार्यक्रम की अध्यक्षता संगठन के केंद्रीय अध्यक्ष मधुकर उइके ने की। 1967 में स्थापित यह संगठन सरकारी और गैर-सरकारी आदिवासी कर्मचारियों के अधिकारों और हितों की रक्षा के लिए समर्पित रूप से कार्यरत है।
राजस्थान का गौरव
डॉ. खराड़ी के साथ राजस्थान राज्य से कई प्रमुख पदाधिकारी उपस्थित रहे, जिनमें समन्वयक डॉ. सी. एल. भगोरा, सचिव श्री नवीन परमार, राज्य सदस्य मुकेश मीणा, नखता राम भील और अन्य प्रतिनिधि शामिल थे।
राष्ट्रीय स्तर पर व्यापक भागीदारी
इस अधिवेशन में उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, पश्चिम बंगाल, महाराष्ट्र, मणिपुर, गोवा, उड़ीसा, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, बिहार, असम, और राजस्थान समेत देशभर के पदाधिकारियों ने भाग लिया।

विशिष्ट अतिथि की अनुपस्थिति और शुभकामनाएं
कार्यक्रम के उद्घाटनकर्ता केंद्रीय राज्य मंत्री दुर्गादास उइके संसद सत्र के चलते कार्यक्रम में उपस्थित नहीं हो सके, लेकिन उन्होंने संगठन के अध्यक्ष को फोन कर शुभकामनाएं प्रेषित कीं। इसी प्रकार राजस्थान सरकार के कैबिनेट मंत्री बाबूलाल खराड़ी भी अपनी व्यस्तताओं के कारण उपस्थित नहीं हो सके।
कार्यक्रम के मुख्य आयोजक
कार्यक्रम के आयोजन की जिम्मेदारी केंद्रीय संयुक्त सचिव और उत्तर प्रदेश राज्य महासचिव मनोज गोंड ने निभाई। संचालन का दायित्व केंद्रीय सह कार्यालयाध्यक्ष देविदास (देवा) पंवार ने कुशलता से संभाला।
आदिवासी समाज की ताकत
इस आयोजन ने आदिवासी कर्मचारियों की एकजुटता और समाज की उन्नति के लिए किए जा रहे प्रयासों को एक नई दिशा दी है। डॉ. दिनेश खराड़ी को मिला यह पुरस्कार राजस्थान और समस्त आदिवासी समाज के लिए गर्व का क्षण है।
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