
उदयपुर।
महिला समाज सोसाइटी ने “मैत्री भाव जगत में मेरा” थीम के साथ सावन उत्सव को उमंग और सौहार्द से मनाया। कार्यक्रम की शुरुआत चंद्रकांता मेहता, शारदा तलेसरा और मीनू कुम्भट की भावपूर्ण प्रस्तुति से हुई।

माया कुम्भट ने पारंपरिक गीत “सावणो सुरगो सरसावणो…” से सभी अतिथियों का स्वागत किया, जिससे पूरे माहौल में सांस्कृतिक रस घुल गया।
सावन की रिमझिम फुहारों में गीतों और नृत्य की मिठास घुलती रही — “सावन आया झूम के…” जैसे गीतों पर महिलाओं ने थिरकते हुए मौसम की मस्ती को जीवंत कर दिया।
मुख्य आकर्षण रहे:
- मेहंदी रचाना: महिलाओं ने एक-दूसरे को मेहंदी लगाकर आपसी अपनत्व को सुदृढ़ किया।
- सांस्कृतिक क्विज़: शारदा तलेसरा ने सावन से जुड़े प्रश्नों के उत्तर देकर ‘सावन क्वीन’ का ताज जीता।
- ‘सावन बहार’ खिताब: साधना नागर को प्रदान किया गया।
- स्वादिष्ट व्यंजन: पारंपरिक पकवानों का सभी ने जमकर स्वाद लिया।
इस आयोजन में मीनू कुम्भट, स्वाति भार्गव, नीना मेहता, झंकार मोगरा, उषा अग्रवाल, सुषमा गोयल, शकुंतला घोष, निर्मला सहलोत, मीनाक्षी लोढ़ा, सुंदरी और सुशीला मेहता सहित अनेक महिलाओं ने सहभागिता की।
सावन के इस मैत्री मिलन ने रिमझिम बारिश में भीगते रिश्तों को और भी गहराया।
About Author
You may also like
स्मृति शेष : भट्टियानी चौहट्टा की ‘रजनी (गीता देवी)’ और एक सादगी भरी विदाई
उदयपुर डायरी : रात का खाना, चौड़ी सड़कें और बदलते शहर की तस्वीर
एक्शन मोड में नवनिर्वाचित महापौर: दिन में जनसमस्याओं का समाधान, युवाओं को रोजगार की राहत और रात में सड़कों पर उतरकर परखी शहर की व्यवस्थाएं
लोकतंत्र की चौखट पर गिरते बैरिकेड और सवालों के कटघरे में खड़े हुक्मरान
अपनों के बीच से अचानक उठा एक साया : झाड़ोल थानाधिकारी बुद्धराम बिश्नोई की सड़क हादसे में दर्दनाक मौत
