फोटो : कमल कुमावत

उदयपुर। वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप की 485वीं जयंती के उपलक्ष्य में गुरुवार को उदयपुर शहर में भव्य शोभायात्रा निकाली गई। चेतक चौराहे से आरंभ होकर यह यात्रा हाथीपोल, अंदरकोट, हाथीपोल चौराहे से होती हुई टाउनहॉल पहुंची। पूरे मार्ग में विभिन्न संगठनों और समाजों ने पुष्पवर्षा कर शोभायात्रा का स्वागत किया।
शोभायात्रा में पारंपरिक वेशभूषा में घुड़सवार युवाओं ने महाराणा प्रताप की सेना का प्रतीक रूप प्रस्तुत किया। प्रताप की प्रतिमा युक्त सजी हुई गाड़ी यात्रा का मुख्य आकर्षण बनी रही। नागरिकों और संस्थाओं द्वारा यात्रियों के लिए शरबत, ठंडाई और अल्पाहार की व्यवस्था की गई थी। वहीं, पुलिस प्रशासन ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए थे।

शोभायात्रा से पूर्व सुबह मोतीमगरी स्मारक पर महाराणा प्रताप को नमन किया गया। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने प्रताप गौरव केंद्र पहुंचकर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।
शोभायात्रा के समापन के बाद नगर निगम में आयोजित सभा में राजस्थान विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी और केंद्रीय जलशक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए।

इस अवसर पर शेखावत ने कहा, “इतिहास में महापुरुषों को उचित स्थान नहीं मिला। हल्दीघाटी में प्रताप की विजय को पराजय बताया गया और दिवेर के युद्ध को इतिहास से हटा दिया गया। अब इतिहास को सही संदर्भों में प्रस्तुत करने की आवश्यकता है।”
सभा के दौरान शेखावत ने पूर्व मंत्री सालेह मोहम्मद के पीए की जासूसी मामले में गिरफ्तारी को गंभीर बताया और मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की।







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