भारत को ‘दुनिया का फूड बास्केट’ बनाने के लक्ष्य के साथ खाद्य प्रसंस्करण मंत्रालय के दो दिवसीय चिंतन शिविर का समापन
उदयपुर। केंद्रीय खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्री चिराग पासवान ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का लक्ष्य भारत को दुनिया का ‘फूड बास्केट’ बनाना है। उन्होंने संकल्प व्यक्त किया कि सरकार इस दिशा में काम कर रही है कि भविष्य में दुनिया की हर डाइनिंग टेबल तक कम से कम एक भारतीय खाद्य पदार्थ जरूर पहुंचे। पासवान मंगलवार को उदयपुर के होटल मैरियट में आयोजित मंत्रालय के दो दिवसीय चिंतन शिविर के समापन के अवसर पर पत्रकारों को संबोधित कर रहे थे।
उत्पादन में आत्मनिर्भरता के बाद अब प्रसंस्करण पर जोर
प्रेस वार्ता के दौरान केंद्रीय मंत्री ने देश के किसानों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि एक समय भारत खाद्यान्न की कमी से जूझता था, लेकिन आज हम एक ‘सरप्लस’ राष्ट्र हैं। उन्होंने स्वीकार किया कि पूर्व में उत्पादन पर अधिक ध्यान दिया गया, लेकिन अब समय की मांग है कि हम प्रसंस्करण (Processing) और गुणवत्ता (Quality) की चुनौतियों का समाधान करें। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में किए गए बुनियादी बदलावों के कारण आज यह क्षेत्र देश के लगभग 13 प्रतिशत रोजगार का आधार बन चुका है।
लक्ष्य: प्रसंस्करण को 12% से बढ़ाकर 25% करना
चिराग पासवान ने आगामी लक्ष्यों का खुलासा करते हुए कहा कि वर्तमान में देश में खाद्य प्रसंस्करण का स्तर 12 प्रतिशत है, जिसे सरकार बढ़ाकर 25 प्रतिशत तक ले जाना चाहती है। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रसंस्करण से भोजन की गुणवत्ता में सुधार होता है और यह स्वास्थ्य के लिए हानिकारक नहीं है। इस संबंध में आमजन को जागरूक करने के लिए सरकार विशेष अभियान चलाएगी और आवश्यकता पड़ने पर नीतियों में भी बदलाव करेगी।
युवाओं के लिए उद्यमिता के अवसर
पीएम एफएमई (PM FME) योजना का जिक्र करते हुए मंत्री ने कहा कि इस क्षेत्र में अनंत संभावनाएं हैं। उन्होंने युवाओं का आह्वान किया कि वे इस योजना का लाभ उठाकर न केवल आत्मनिर्भर बनें, बल्कि दूसरों को रोजगार देने वाले उद्यमी भी बनें।
चिंतन शिविर में 30 राज्यों की सहभागिता
उदयपुर में आयोजित इस चिंतन शिविर में देश के 30 राज्यों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। शिविर में विभिन्न राज्यों की ‘बेस्ट प्रैक्टिस’ पर चर्चा की गई ताकि इसे पूरे देश में लागू किया जा सके। पासवान ने यह भी घोषणा की कि इस वर्ष ‘वर्ल्ड फूड इंडिया’ के क्षेत्रीय संस्करण देश के अलग-अलग हिस्सों में आयोजित किए जाएंगे।
प्रेस वार्ता के अंत में चिराग पासवान ने उदयपुर की सुंदरता की सराहना करते हुए कहा कि झीलों की नगरी में आकर उन्हें शांति और सुकून की अनुभूति हुई।
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