उदयपुर। श्रीराम वन कुटीर आश्रम हंडियाकोल बाराबंकी में आयोजित मानव सेवा के महायज्ञ का समापन मंगलवार को डाक्टरों की विदाई के साथ हुआ। समापन अवसर पर बाराबंकी सांसद उपेन्द्र सिंह रावत ने मरीजों को रोगमुक्त करने बाराबंकी आये देश के प्रसिद्ध सेवाभावी डाक्टरों को सम्मानित किया।
सांसद ने कहा कि बाराबंकी जनपद के लोग भाग्यशाली है कि साल में एक बार धरती के भगवान कहे जाने वाले देश के कई राज्यों के सेवाभावी डॉक्टर्स यहां पहुँचकर हर धर्म जाति के दरिद्र नारायण को रोगमुक्त कर जीवन दान देते है। उन्होंने सेवाभावी चिकित्सकों की टीम का आभार व्यक्त किया और वार्ड में जाकर मरीजों से भेंटकर फल वितरित किये। इस शिविर के प्रमुख 43 वर्षों से आ रहे सांई तिरूपति विश्वविद्यालय उमरडा के कुलपति प्रसिद्ध हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ.जे.के. छापरवाल को अंगवस्त्र पहनाकर व मोमेन्टो देकर सम्मानित किया।
चिकित्सकों के सेवा दल को विदाई देने पूर्व कैबिनेट मंत्री अरविन्द सिंह गोप भी पहुँचे। उन्होंने डॉ. छापरवाल की टीम से मुलाकात कर सभी का धन्यवाद ज्ञापित किया व मरीजों का हालचाल जाना। आश्रम के सेवादार मनीष मेहरोत्रा ने बताया कि इस वर्ष विभिन्न रोगों के 15 जिले के 5500 लोगों ने नेत्र, हार्निया, हाइड्रोसील, पाइल्स, यूट्रेस (बच्चेदानी) गाल ब्लेडर को पथरी के ऑपरेशन के लिए पंजीकरण कराया था। जिनमें नेत्र के 3050, हार्निया के 206, पाइल्स के 50 पथरी व यूदेश 50 कुल 3356 मरीजों के सफल ऑपरेशन हुए।
सर्जरी टीम के आवागमन व दवाई खर्च का अनुदान वन्डर सीमेन्ट, रविन्द्र हैरिचेज, आर्किगेट फाउन्डेशन, वेस्टर्न ड्रम्स प्राइवेट लिमिटेड डॉ.जे.के.छापरवाल भीमानन्द चैरिटेबल ट्रस्ट मिसेज नीता मुन्द्रा, एक्स ट्रियूसन्स जामनगर गुजरात पीम्पस मेडिकल कालेज उमरडा, आधार प्रोडक्ट्स सुलक्स फासफेट ने वहन किया। इस सफल आयोजन के लिए ट्रस्ट के अध्यक्ष भगवान दास महाराज व विष्णुदास ने जिला प्रशासन उत्तर प्रदेश सरकार को धन्यवाद दिया।
About Author
You may also like
-
ममता की जीत : जब आश्रम की चौखट पर मां से लिपटकर रो पड़ा बिछड़ा बेटा, तीन साल का लंबा इंतजार खत्म
-
पालीवाल दिशा पत्रिका का विमोचन : IAS एल.एन. मंत्री ने याद किया कुलधरा से पाली तक का समाज का गौरवशाली इतिहास
-
उदयपुर: शहर विधायक ताराचंद जैन की कलेक्टर से मुलाकात, पट्टों को लेकर 7 दिन में निस्तारण के आदेश
-
मेरी नजर हर उस शख्स पर है, जो बेटियों की राह रोकते हैं – एसपी डॉ. अमृता दुहन की भावुक अपील
-
बेड़वास की भावना का दुखद अंत: जिस हाथ की मेहंदी भी नहीं छूटी थी, उसी पर मिले जुल्म के निशान