सवीना कृषि उपज मण्डी का कार्मिक 24 हजार रुपये रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार, तत्कालीन सचिव के नाम पर वसूली जा रही थी बंधी

जयपुर / उदयपुर।

भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) की उदयपुर इकाई ने बुधवार को कार्रवाई करते हुए सवीना स्थित कृषि उपज मण्डी के कार्मिक मनोहरलाल को 24 हजार रुपये की नकद रिश्वत लेते रंगे हाथों धर दबोचा। आरोपी आटा मिल संचालक से गेहूं के परिवहन में बाधा न पहुंचाने और चालान व पेनल्टी न लगाने की एवज में तत्कालीन सचिव के नाम पर मंथली रिश्वत की मांग कर रहा था।

कार्रवाई का पूरा घटनाक्रम

  • परिवादी की शिकायत: कलडवास (उदयपुर) में आटा मिल संचालित करने वाले परिवादी ने एसीबी में शिकायत दर्ज कराई थी कि वह सवीना मण्डी व व्यापारियों से वैध रूप से गेहूं खरीदता है। मार्च 2026 से आरोपी मनोहरलाल चेकिंग के नाम पर गेहूं से भरे ट्रैक्टरों को रोककर परेशान कर रहा था और बिल तुरंत न दिखाने पर चालान बना रहा था।

  • मंथली रिश्वत का दबाव: आरोपी ने वाहनों को न रोकने, चालान न बनाने और कृषि उपज मण्डी नियमों के तहत पेनल्टी न लगाने की एवज में सवीना मण्डी के तत्कालीन सचिव मदन गुर्जर के नाम पर प्रतिमाह रिश्वत की मांग रखी।

  • पहले भी ले चुका था 65 हजार: शिकायत के अनुसार, आरोपी अप्रैल 2025 से मार्च 2026 तक 65 हजार रुपये रिश्वत पहले ही वसूल चुका था। इसके बाद वह अप्रैल 2026 से जुलाई 2026 (चार माह) की बंधी के रूप में नए सिरे से रिश्वत राशि मांग रहा था।

सत्यापन के बाद बिछाया जाल

एसीबी महानिदेशक पुलिस गोविन्द गुप्ता के अनुसार, शिकायत का गोपनीय सत्यापन कराने पर रिश्वत मांगे जाने की पुष्टि हुई। इसके बाद एसीबी उदयपुर रेंज के उप महानिरीक्षक डॉ. रामेश्वर सिंह के पर्यवेक्षण, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अनन्त कुमार के निर्देशन तथा पुलिस निरीक्षक रामसुमेर मीणा के नेतृत्व में ट्रैप टीम ने दबिश देकर आरोपी मनोहरलाल को परिवादी से 24,000 रुपये नकद लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया।

एसीबी की अतिरिक्त महानिदेशक स्मिता श्रीवास्तव एवं महानिरीक्षक एस. परिमला के सुपरविजन में आरोपी से पूछताछ जारी है। मामले में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज कर तत्कालीन सचिव की भूमिका समेत अन्य पहलुओं पर अग्रिम अनुसंधान किया जा रहा है।

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