
उदयपुर। नारायण सेवा संस्थान के सेवा महातीर्थ में आयोजित ‘अपनों से अपनी बात भोले नाथ के साथ’ शिव कथा श्रद्धा और भक्ति के भाव से अपने चरम पर है। संस्थान अध्यक्ष प्रशांत अग्रवाल के सानिध्य में आयोजित कथा में दिव्यांगजन, उनके परिजन और श्रद्धालु शामिल हो रहे हैं।
कथा में प्रशांत अग्रवाल ने कैलाश पर्वत पर भगवान शिव और माता सती के प्रसंग का वर्णन करते हुए कहा कि शिव का जीवन सहजता, त्याग और समभाव का संदेश देता है। कैलाश पर भगवान शिव की योगी जीवनशैली और सरलता देखकर माता सती प्रसन्न हुईं। शिव की उपस्थिति मात्र से बैर-भाव समाप्त हो जाता है। उन्होंने कहा कि भगवान से केवल सुख नहीं, बल्कि जीवन के दुःखों को सहने और परिस्थितियों से सीखने की शक्ति भी मांगनी चाहिए। सुख-दुःख जीवन के दो पहलू हैं और इन्हीं के बीच जीवन की वास्तविकता समझ आती है।
उन्होंने कहा कि आज मनुष्य के पास सुविधाएं बढ़ी हैं, लेकिन मन का सुकून घटा है। धन-दौलत किसी व्यक्ति की वास्तविक संपन्नता का पैमाना नहीं है। जिस हृदय में प्रेम, करुणा और अपनापन है, वही सबसे अमीर है। प्रेम हो तो सीमित साधनों में भी जीवन आनंदमय रहता है और प्रेम के अभाव में तमाम सुविधाएं भी मन को संतुष्ट नहीं कर पातीं।
माता सती की शिव आराधना का प्रसंग सुनाते हुए उन्होंने बताया कि वे प्रतिदिन शिवलिंग पर जल और बेलपत्र अर्पित कर श्रद्धा से पूजा करती थीं। यह प्रसंग निष्ठा, समर्पण और विश्वास की सीख देता है। उन्होंने कहा कि पूजा का सार केवल विधि-विधान में नहीं, बल्कि व्यवहार में प्रेम, सेवा और संयम उतारने में है।
प्रशांत अग्रवाल ने कहा कि शिव कथा केवल सुनने के लिए नहीं, बल्कि जीवन में बदलाव लाने की प्रेरणा है। मनुष्य यदि अहंकार, ईर्ष्या, द्वेष और निंदा से ऊपर उठकर प्रेम और करुणा को अपनाए तो परिवार और समाज में अनेक विवाद स्वतः समाप्त हो सकते हैं। यही शिव का जीवन संदेश है।
कथा में दिव्यांगजन एवं उनके परिजनों ने सहभागिता की। लाभान्वित जनों ने संस्थान की सेवा गतिविधियों और व्यवस्थाओं के लिए आभार जताया।
About Author
You may also like
सवीना कृषि उपज मण्डी का कार्मिक 24 हजार रुपये रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार, तत्कालीन सचिव के नाम पर वसूली जा रही थी बंधी
ले लो पार्षद का टिकट ले लो… हमसे लोगे तो सीधे मेयर बनोगे!
उदयपुर को मिली पर्यावरण अनुकूल ई-बसों की सौगात: मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने किया वर्चुअल शुभारंभ, पहले चरण में 33 बसें सड़कों पर उतरीं
त्याग स्वयं पर करे, राग-द्वेष, ईर्ष्या और निंदा से ऊपर उठे: कैलाश मानव
मुखर्जी चौक में अस्थाई चौकी का उद्घाटन : तस्वीरों को बोलते हुए देखना है तो यहां देखिए
