
उदयपुर।
महाराणा प्रताप की 486वीं जयंती के उपलक्ष्य में आयोजित सात दिवसीय समारोह के अंतर्गत रविवार को चेतक सर्कल पर ऐसा वातावरण बना, जिसने मेवाड़ की गौरवशाली परंपरा, शौर्य और राष्ट्रभक्ति की यादों को सजीव कर दिया। चेतक अश्व पूजन, मातृशक्ति द्वारा शौर्य तलवार रास, स्केटिंग पर देशभक्ति नृत्य तथा अखाड़ों के पहलवानों के हैरतअंगेज करतबों ने उपस्थित जनसमूह को मंत्रमुग्ध कर दिया।
मेवाड़ क्षत्रिय महासभा संस्थान, उदयपुर शहर एवं नगर निगम के संयुक्त तत्वावधान में संभाग के विभिन्न समाजों और संगठनों के सहयोग से आयोजित कार्यक्रम में पूरे क्षेत्र में महाराणा प्रताप के जयघोष गूंजते रहे। ऐसा प्रतीत हो रहा था मानो वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप की अमर गाथा एक बार फिर जन-जन के हृदय में जीवंत हो उठी हो।
बजरंग सेना मेवाड़ के कमलेंद्र सिंह पंवार एवं सुनील कालरा के सानिध्य में चेतक अश्व पूजन किया गया। ओम बन्ना सेवा संस्थान के लक्ष्यराज सिंह पंवार एवं गर्वित सिंह सिसोदिया के सानिध्य में महाराणा प्रताप की महाआरती संपन्न हुई। आरती के दौरान वातावरण श्रद्धा, भक्ति और राष्ट्र गौरव की भावना से ओतप्रोत हो उठा।

कार्यक्रम का सबसे आकर्षक केंद्र मातृशक्ति द्वारा प्रस्तुत शौर्य तलवार रास रहा। अजब सेवा संस्थान के अमित जैन एवं भरत साहू के सानिध्य में महिलाओं ने तलवारों के साथ वीरता और पराक्रम का ऐसा प्रदर्शन किया, जिसने दर्शकों को मेवाड़ की वीरांगनाओं की गौरवगाथाओं की याद दिला दी।
श्रीराम स्केटिंग क्लब के पुष्पेंद्र सिंह सोलंकी एवं शिव सिंह सोलंकी के निर्देशन में युवा प्रतिभाओं ने स्केटिंग पर देशभक्ति नृत्य प्रस्तुत कर सभी का मन मोह लिया। वहीं राणा प्रताप पूजा मार्शल आर्ट एकेडमी देवाली के एडवोकेट फतेह सिंह राठौड़ एवं उस्ताद नरेंद्र सोनी के सानिध्य में अखाड़ों के पहलवानों ने रोमांचक और हैरतअंगेज करतब दिखाकर लोगों को दांतों तले उंगलियां दबाने पर मजबूर कर दिया।
कार्यक्रम के दौरान एडवोकेट उदय सिंह देवड़ा के सानिध्य में चेतक अश्व पूजन तथा डॉ. प्रदीप कुमावत के सानिध्य में महाराणा प्रताप की लिखित महाआरती का आयोजन भी हुआ।
इस आयोजन को सफल बनाने में एडवोकेट निर्मल पंडित, करणवीर सिंह राठौड़, पुखराज सिंह राजपुरोहित, सुनील कालरा, शिव सिंह सोलंकी, सुरेश चौहान, ऋषभ सिंह गहलोत, भीष्म पुरुषवाणी, हेमंत सालवी, वीणा राजगुरु, प्रियंका सिंह सहित सहयोगी टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
इस अवसर पर संयोजक प्रेम सिंह शक्तावत, अध्यक्ष पृथ्वीराज सिंह चौहान, महाराज शक्ति सिंह कारोई, महंत इंद्रदेव दास, महंत नारायण दास वैष्णव, गजपाल सिंह, चंद्रवीर सिंह करेलिया, आकाश वागरेचा, संत सिंह भाटी, गिरीश श्रीमाली, दिनेश शर्मा, गिरीश राजानी, यादवेंद्र सिंह रलावता, अजय सिंह पहल, दिनेश मकवाना, नारायण सिंह सिसोदिया, रणधीर सिंह चंदेला, महंत श्याम बाबा, गिर्वा अध्यक्ष तख्त सिंह देवड़ा एवं बड़गांव अध्यक्ष जसवंत सिंह झाला सहित अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
कार्यक्रम ने एक बार फिर यह संदेश दिया कि महाराणा प्रताप केवल इतिहास के एक अध्याय नहीं, बल्कि स्वाभिमान, राष्ट्रभक्ति और त्याग की वह अमर प्रेरणा हैं, जो पीढ़ियों को अपने गौरवशाली अतीत से जोड़ती रहेगी।
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