
उदयपुर | माहे-रमजान के तीस मुकम्मल रोजों की इबादत के बाद, आज मुल्क भर के साथ-साथ झील नगरी उदयपुर में दाऊदी बोहरा समाज ने ईद-उल-फितर का त्योहार बेपनाह अकीदत और मसर्रत (खुशी) के साथ मनाया। शहर की तमाम छोटी-बड़ी मस्जिदों में तकबीर की गूंज सुनाई दी और फिजाओं में खुशियों की महक घुली रही।
बोहरा बाहुल्य इलाकों—बोहरवाड़ी, खारोल कॉलोनी, फतहपुरा और चमनपुरा में सुबह से ही ईद की चहल-पहल दिखाई दी। दाऊदी बोहरा जमात के प्रवक्ता जनाब मंसूर अली ओडावाला के मुताबिक, सुबह 7 बजे रसूलपुरा, वजीहपुरा और पुला सहित विभिन्न मस्जिदों में नमाज-ए-ईद अदा की गई। बारगाह-ए-इलाही में सिर झुकाने के बाद, तमाम मोमिनों ने मुल्क की खुशहाली, अमन-ओ-अमान और भाईचारे के लिए मखसूस (विशेष) दुआएं मांगीं।
पेशवा-ए-दीन के नेतृत्व में इबादत : जमात के सचिव जनाब फ़िरोज़ हुसैन टीनवाला ने तफसील (विस्तार) देते हुए बताया कि अलग-अलग क्षेत्रों में नमाज की कयादत इन हस्तियों ने की:
दस्तरखान की जीनत : शीर-खुरमा और मुहब्बत
नमाज के बाद मस्जिदों के बाहर और घरों में ‘ईद मिलन’ का सिलसिला शुरू हुआ। लोगों ने एक-दूसरे को गले लगाकर “ईद मुबारक” पेश की। रिवायती दस्तरखानों पर शीर-खुरमा और मिठाइयां सजाई गईं, जिनसे मेहमानों का इस्तकबाल किया गया। नन्हे बच्चों में ईदी को लेकर खास उमंग देखी गई।
खुलसा-ए-खबर : अकीदत और तहजीब का यह संगम उदयपुर की गंगा-जमुनी संस्कृति को और भी मजबूत कर गया।
About Author
You may also like
-
स्वस्थ जीवनशैली ही असली पूंजी : रामगिरि में आयुर्वेद विशेषज्ञों ने दिए निरोगी रहने के मंत्र, विद्यार्थियों ने दिखाई कलात्मक प्रतिभा
-
राजस्थान में 21 मार्च को मनाई जाएगी ईदुल फ़ितर, गुरुवार को चांद के नहीं हुए दीदार
-
ईद पर खाड़ी देशों में कोहराम : इजरायली हमले के बाद ईरान का पलटवार, तेल और गैस ठिकानों को बनाया निशाना
-
भगवा रंग में रंगा झीलों का शहर: उदयपुर में भव्य वाहन रैली के साथ भारतीय नववर्ष का शंखनाद
-
राजस्थान दिवस विशेष : वेदांता बदल रहा है मरुधरा की तस्वीर, एक लाख करोड़ रुपए का नया निवेश और विकास की नई उड़ान