दूषित पानी पीने से 2 बच्चों और एक बुजुर्ग की मौत, 35 लोग बीमार

उदयपुर। यह सुनने में बहुत ही दुखद है कि पोपल्टी गांव में इतने लोग दूषित पानी से प्रभावित हो गए हैं और कुछ लोगों की मौत भी हो गई है। ऐसे मामलों में स्थिति को संभालने में समुदाय, सरकारी अधिकारी और स्वास्थ्य विशेषज्ञों का संयुक्त प्रयास बहुमूल्य होता है। इस घटना से ग्रामीण समुदाय को सहानुभूति है और सुरक्षित पानी की आवश्यकता को लेकर जागरूकता बढ़ाने की आवश्यकता है।
उदयपुर जिले के नाई अस्पताल में भर्ती ग्रामीणों का इलाज चल रहा है, जिनमें से कुछ की हालत गंभीर है। दूषित पानी पीने के कारण 2 बच्चों सहित 3 लोगों की मौत हो गई है। इस बात की पुष्टि उदयपुर के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) डॉ. शंकर बामनिया ने की है। यह मामला उदयपुर से 20 किलोमीटर दूर गिर्वा तहसील के पोपल्टी गांव के खण्डेरा फला और रुणिया फला का है।

जांच टीम जब गांव में पहुंची, तो उन्हें उल्टी और दस्त से पीड़ित 35 मरीज मिले। प्रारंभिक जांच में पता चला कि दूषित पानी पीने के कारण ये लोग बीमार हुए हैं।
उदयपुर सीएमएचओ डॉ. शंकर बामनिया ने बताया कि गिर्वा तहसील के पोपल्टी गांव में नर्सिंगकर्मी ग्यारसी खटीक ने विजिट की। यहां खण्डेरा फला और रुणिया फला में लगभग 35 लोग उल्टी-दस्त और पेट में दर्द की शिकायत कर रहे थे। स्थिति गंभीर होने पर 9 लोगों को पास के नाई सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया, जबकि 2 को उदयपुर के एमबी अस्पताल में भर्ती किया गया है। सभी मरीजों की स्थिति में सुधार हो रहा है।
मौतों की पुष्टि
पिछले दो दिनों में दूषित पानी पीने से 3 लोगों की मौत हुई है। मृतकों में खण्डेरा फला निवासी तुषा (7 वर्ष), झाड़ोल के खजुरी गांव से आए 3 साल के बालक और एक 67 साल के बुजुर्ग शामिल हैं।
दूषित जल की समस्या
सीएमएचओ डॉ. बामनिया ने कहा कि प्रारंभिक जांच से पता चलता है कि ग्रामीण दूषित जल पीने के कारण बीमार हुए हैं। गांव के बीच में एक खुली जगह से सालों से पानी पिया जा रहा है और बारिश के कारण नया पानी भी वहां आया था, जिसे पीने के बाद लोग बीमार हो गए। मौके पर जहां से पानी पीया जा रहा था, वहां से पानी के सैंपल और बीमार लोगों के उल्टी और स्टूल के सैंपल भी लिए गए हैं।
प्रशासनिक प्रतिक्रिया
भाजपा ओबीसी मोर्चा नांदेश्वर मंडल के अध्यक्ष बद्रीलाल चौधरी ने उदयपुर ग्रामीण विधायक फूलसिंह मीणा को जयपुर में सूचना देकर ग्रामीणों के बीमार होने की जानकारी दी। विधायक ने जिला कलेक्टर अरविंद कुमार पोसवाल को सूचना दी, जिसके बाद प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया।
इस दुखद घटना ने ग्रामीण समुदाय में चिंता और शोक का माहौल पैदा कर दिया है। दूषित पानी की समस्या को सुलझाने के लिए तत्काल कदम उठाने की आवश्यकता है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों।
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