उदयपुर BJP में महासंग्राम : डर्टी फाइल पर महिला नेताओं का हल्लाबोल, अब आर-पार की जंग

 

उदयपुर। भारतीय जनता पार्टी के भीतर सुलग रही ‘डर्टी फाइल’ की आग अब एक भीषण ज्वाला बन चुकी है। वरिष्ठ नेताओं के बाद अब भाजपा की कद्दावर महिला नेताओं ने मोर्चा संभाल लिया है। महिला समृद्धि बैंक की अध्यक्ष और पूर्व महामंत्री डॉ. किरण जैन ने सीधे तौर पर संगठन और पुलिस प्रशासन की कार्यप्रणाली को कटघरे में खड़ा करते हुए चेतावनी दी है कि अगर तुरंत कड़े फैसले नहीं लिए गए, तो पार्टी को इसका खतरनाक खामियाजा भुगतना होगा। इससे पहले भाजपा के कद्दावर नेता अर्चना शर्मा ने भी इस मुद्दे पर खुलकर अपनी राय रखी थी।

डॉ. किरण जैन ने एक इंटरव्यू में तीखा प्रहार करते हुए कहा कि एक तथाकथित ‘महिला नेत्री’ के शोषण और ब्लैकमेलिंग के काले कारनामों ने भाजपा की साख को मिट्टी में मिला दिया है। उन्होंने गरजते हुए कहा कि ऐसी महिलाओं को ‘नेत्री’ कहना ही आम महिलाओं का अपमान है। एक अदना सी कार्यकर्ता को सिर पर चढ़ाकर पार्टी के अनुशासन और मर्यादा की धज्जियां उड़ा दी गई हैं। आज आम कार्यकर्ता और जनता के बीच पार्टी की विश्वसनीयता शून्य हो रही है।

आडवाणी का हवाला देकर मांगा इस्तीफा : “नैतिकता कहां गई?”

डॉ. जैन ने नैतिकता का पाठ पढ़ाते हुए लालकृष्ण आडवाणी का उदाहरण दिया। उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा— “जब तक आरोप सिद्ध न हों, जिला अध्यक्ष को तुरंत पद छोड़ देना चाहिए।” उन्होंने मांग की है कि कथित पीड़िता और विवादित पदों पर बैठे लोगों को तत्काल प्रभाव से पदमुक्त किया जाए। संगठन में बढ़ती गुटबाजी पर उन्होंने सीधे तौर पर वर्तमान जिला कार्यकारिणी को जिम्मेदार ठहराया और आरोप लगाया कि गुलाबचंद कटारिया के निष्ठावान कार्यकर्ताओं को सूची से बाहर करना ही इस कलह की मुख्य जड़ है।

कटारिया को निशाना बनाने वालों को खुली चुनौती

हालिया ‘चिट्ठी कांड’ पर भड़कते हुए डॉ. जैन ने इसे एक सोची-समझी साजिश करार दिया। उन्होंने साफ कहा कि ‘डर्टी फाइल’ से जनता का ध्यान भटकाने के लिए जानबूझकर गुलाबचंद कटारिया जैसे कद्दावर नेता को निशाना बनाया जा रहा है। उन्होंने विरोधियों को ललकारते हुए कहा कि पूरे मेवाड़ में किसी की इतनी ‘औकात’ नहीं है जो कटारिया साहब का मुकाबला कर सके या उनकी बराबरी कर सके।

चेतावनी : अब भी नहीं जागे तो सब खत्म

महिला नेताओं ने स्पष्ट कर दिया है कि यदि प्रदेश नेतृत्व ने किसी गंभीर व्यक्ति को भेजकर इस गंदगी को साफ नहीं किया और न्याय नहीं किया, तो आगामी चुनावों में भाजपा को हार का मुंह देखने के लिए तैयार रहना चाहिए। कार्यकर्ताओं का सब्र का बांध अब टूट चुका है।

 

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