उदयपुर : कोर्ट नहीं, मानो थ्रिलर फिल्म का सीन! उदयपुर कोर्ट में बंदर का आतंक

शुक्रवार का दिन…
उदयपुर कोर्ट परिसर में रोज़ की तरह फाइलें खुल रही थीं, दलीलें तैयार हो रही थीं और न्याय की प्रक्रिया अपने तय रास्ते पर थी। तभी—
अचानक एंट्री होती है एक लाल मुंह वाले उत्पाती बंदर की।

जैसे ही बंदर कोर्ट परिसर में घुसा, पूरा माहौल बदल गया। पलों में शांति दहशत में तब्दील हो गई।
बिना किसी चेतावनी के बंदर ने 4–5 वकीलों और एक कॉन्स्टेबल पर हमला कर दिया। लोग संभल पाते, उससे पहले ही टेबलों पर रखी फाइलें हवा में उड़ गईं, दस्तावेज ज़मीन पर बिखर गए और कोर्ट परिसर में अफरा-तफरी मच गई।

एक से डेढ़ घंटे तक कोर्ट का काम ठप
वकील डर के साये में कोर्ट रूम छोड़कर बाहर निकलने को मजबूर हो गए। कोई दरवाज़ों के पीछे छिपा, तो कोई दूर से हालात पर नज़र रखता रहा।
पूरा कोर्ट परिसर मानो किसी एक्शन फिल्म का सेट बन गया हो—जहाँ हीरो नहीं, बल्कि एक बंदर केंद्र में था।

पुराना ‘विलेन’ निकला यह बंदर
जांच में सामने आया कि यह कोई साधारण बंदर नहीं था।
वाइल्ड लाइफ रेस्क्यूअर धर्मेंद्र पाणिगर के अनुसार, यह लाल मुंह का बंदर पिछले डेढ़ महीने से उदयपुर शहर में आतंक मचा रहा था।
प्रतापनगर, नाकोडा नगर, कुम्हारों का भट्टा, शोभागपुरा 100 फीट रोड—
हर जगह इसकी दहशत।
अब तक 20–25 लोगों पर हमला,
आरसीए कॉलेज में 4–5 छात्रों को काट चुका यह बंदर, आखिरकार कोर्ट तक जा पहुंचा।

क्लाइमेक्स : वाइल्ड लाइफ टीम की एंट्री
सूचना मिलते ही वाइल्ड लाइफ रेस्क्यू टीम मौके पर पहुंची।
कड़ी मशक्कत, सावधानी और रणनीति के बाद—
बंदर को सुरक्षित काबू में लिया गया।

जैसे ही बंदर को बाहर निकाला गया, कोर्ट परिसर में मौजूद लोगों ने राहत की सांस ली। डर, शोर और हड़कंप के बाद आखिरकार शांति लौटी।

हैप्पी एंडिंग
कलेक्टर और नगर निगम के निर्देश पर बंदर को रेस्क्यू कर बायोलॉजिकल पार्क में सुरक्षित छोड़ दिया गया है, ताकि आमजन को अब इस आतंक से राहत मिल सके।

एक दिन, एक कोर्ट और एक बंदर—
उदयपुर ने शुक्रवार को खबर नहीं, पूरी फिल्म देख ली।

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