
उदयपुर में खुद को बड़ा शातिर समझने वाली चोरी-नकबजनी की गैंग की सवीना थाना पुलिस ने सारी अकड़ निकाल दी। शहर ही नहीं, बल्कि चित्तौड़गढ़ और जोधपुर तक आतंक मचाने वाले इस गिरोह के 6 आरोपियों को गिरफ्तार कर पुलिस ने उनके अपराधों का पूरा चिट्ठा खोल दिया है। एक नाबालिग को भी डिटेन किया गया है।
पुलिस जांच में सामने आया कि ये आरोपी पिछले कुछ महीनों में 18 से ज्यादा चोरी, नकबजनी और लूट की वारदातों को अंजाम दे चुके थे। जो खुद को कानून से ज्यादा तेज समझ रहे थे, वही अब पुलिस की पूछताछ में हकीकत उगलते नजर आए।
ऐसे टूट गया शातिरों का घमंड
सवीना थानाधिकारी एसआई अजय राज सिंह ने बताया कि एसपी योगेश गोयल के निर्देश पर पुलिस लगातार इन घटनाओं पर नजर रखे हुए थी। मुखबिर की सटीक सूचना और तकनीकी सबूतों के सहारे पुलिस ने एक-एक कड़ी जोड़ते हुए गैंग का पर्दाफाश किया। पूछताछ में आरोपियों की चालाकी नहीं, बल्कि उनकी घबराहट और झूठ साफ नजर आया।
गिरफ्तार आरोपियों में दिता उर्फ कालू, विजयनाथ, गोविंदा, लोकेश, महेन्द्र उर्फ थेपड़ी और अनिल कालबेलिया शामिल हैं। इनके कई साथी अभी फरार हैं, जिनकी तलाश जारी है।
भंगार के बहाने रैकी, मिनटों में वारदात
पुलिस के अनुसार ये आरोपी खुद को बड़े मास्टरमाइंड समझते थे। दिन में भंगार खरीदने के बहाने कॉलोनियों में घूमकर सूने घरों की रैकी करते और रात होते ही ताले तोड़कर वारदात को अंजाम दे देते थे। लेकिन उनकी यही चालाकी आखिरकार उनकी गिरफ्तारी की वजह बन गई।
अपराधों का लंबा रिकॉर्ड
गिरफ्तार आरोपियों का आपराधिक रिकॉर्ड भी चौंकाने वाला है।
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दो आरोपियों पर पहले से चोरी, लूट और नकबजनी के 6-6 मामले दर्ज हैं
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एक आरोपी पर 5 रेप के केस दर्ज हैं
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जबकि एक अन्य आरोपी पर 1 रेप का मामला दर्ज है
इस कार्रवाई से साफ है कि कानून से बचने की कितनी भी कोशिश कर लें, अपराधियों का अंजाम जेल ही होता है। सवीना थाना पुलिस की इस कार्रवाई ने न सिर्फ चोरी गैंग की पोल खोल दी, बल्कि शहर के लोगों को भी राहत की सांस दी है।
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