
उदयपुर | राजस्थान के सलूंबर जिले में शुक्रवार रात एक ऐसा मंजर सामने आया जिसने गांव ही नहीं, पूरे इलाके की सांसें रोक दीं। एक दामाद ने अपनी ही सास और उसकी गोद में पल रहे 5 साल के मासूम नाती की बेरहमी से हत्या कर दी। घर की दीवारों पर खून था… और किसी ने सोचा भी नहीं था कि इस रात एक परिवार की खुशियाँ हमेशा के लिए ख़ामोश हो जाएँगी।
रात की चीखों ने तोड़ी नींद, लेकिन बचा न सके दो मासूम जिंदगियां
गांव में कहीं सत्संग की भजन-कीर्तन की आवाज चल रही थी… और दूसरी तरफ चंद कदमों दूर एक घर के भीतर मौत का खेल खेला जा रहा था।
करीब 11 बजे अचानक आई चीखों ने पड़ोसियों को चौका दिया। जब वे दौड़कर अंदर पहुंचे तो उनके कदम वहीं ठिठक गए—
65 साल की गौरी और उसकी गोद-लाडले सुरेंद्र का शरीर लहूलुहान पड़ा था।
महिला का पैर काटा गया था… पर पुलिस भी समझ गई—
कड़े ले जाना तो सिर्फ दिखावा था… मंशा लूट की नहीं, खून की थी।
गोद में सोया बच्चा आया था दादी के घर प्यार लेने, मौत ही मिल गई
छोटा सुरेंद्र कुछ ही दिन पहले अपनी नानी के घर आया था। दिन में आंगन में खेलता, और रात में नानी की गोद में ही नींद पाता।
पर उस रात नानी के पास सोना उसके लिए आखिरी नींद बन गया।
उसके छोटे-छोटे हाथ, उसकी खिलखिलाहट… सब हमेशा के लिए खामोश हो गए।
“यह लूट नहीं… बदले की आग थी” – जांच में सामने आया सच
SP राजेश यादव की बातों ने जैसे पूरे सच पर रोशनी डाल दी—“घर में लूट का कोई निशान नहीं। कड़े ले जाना सिर्फ कहानी गढ़ने के लिए था। हत्या सिर और छाती पर किए गए वार से हुई है। यह लूट नहीं, सीधी-सीधी हत्या है।”
पति की आंखों से बहते आंसू—“मेरी पत्नी और नाती को मेरे ही दामाद ने मारा”
मृतका के पति धन्ना मीणा का दर्द चीख-चीखकर कह रहा था—“गंगाराम (दामाद) नशे में मारता था, धमकाता था… कई बार मेरी पत्नी ने उसे समझाया… शायद वही बात उसे चुभ गई।
उसी ने मिलकर मेरा घर उजाड़ दिया…”
धन्ना मीणा अपने ही घर के आंगन में अब दो अर्थियों के सामने खड़े हैं—
एक पत्नी की… और दूसरी अपने छोटे से नाती की।
गांव में खौफ और गुस्सा—8 थानों की पुलिस तैनात
डर और गुस्सा दोनों अपने चरम पर हैं। गांव में हर चेहरा सहमा हुआ है।
किसी को विश्वास नहीं कि एक दामाद इतना क्रूर हो सकता है।
तनाव को देखते हुए 8 थानों का जाब्ता लगाया गया है।
आरोपी गंगाराम और उसका परिवार फरार है।
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