
कोटद्वार। कोटद्वार की अदालत ने गुरुवार को बहुचर्चित अंकिता भंडारी हत्याकांड में तीनों अभियुक्तों पुलकित आर्य, सौरभ भास्कर और अंकित गुप्ता को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई।
कोर्ट ने सभी आरोपियों को आईपीसी की हत्या (धारा 302), यौन उत्पीड़न, सबूत मिटाने और अनैतिक देह व्यापार अधिनियम के तहत कठोर सजा दी है। साथ ही मृतका के परिवार को 4 लाख रुपये मुआवजे का भी आदेश दिया गया है।
अंकिता भंडारी, जो ऋषिकेश के वंतरा रिजॉर्ट में रिसेप्शनिस्ट थीं, सितंबर 2022 में लापता हुई थीं और बाद में उनका शव चीला नहर से मिला था। पुलिस ने आरोप लगाया था कि उन्हें अनैतिक कार्य के लिए मजबूर किया जा रहा था और विरोध करने पर उनकी हत्या कर दी गई।
कोर्ट ने दो साल आठ माह तक चले ट्रायल में 47 गवाहों के बयानों के आधार पर यह फैसला सुनाया। इस मामले की पहली सुनवाई जनवरी 2023 में शुरू हुई थी।
इस फैसले के बाद उत्तराखंड में अंकिता भंडारी की न्याय के लिए चल रही मांग को बड़ी कामयाबी मिली है।
About Author
You may also like
पर्दे के पीछे: कोई तो तिलिस्म था, जिसने पारस को पारस बना दिया
उदयपुर में भाजपा का आत्मघात या चमत्कार?
उदयपुर नगर निगम : 23 पार्षदों की बाड़ेबंदी के पीछे फतेहसिंह-पूनम कुंवर का सियासी चक्रव्यूह, 53 वाली भाजपा के खिलाफ कांग्रेस की अदृश्य सेंधमारी की इनसाइड स्टोरी
लोकतंत्र का चीरहरण : सत्ता की हनक, पुलिस की लाठी और बिकाऊ राजनीति का तांडव
उदयपुर नगर निगम : पांचवीं बार पार्षद चुने गए पारस सिंघवी के सिर सजेगा उदयपुर मेयर का ताज, डिप्टी से सीधे महापौर की मुराद पूरी
