नई दिल्ली। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (AICC) ने वर्ष 2026 में होने वाले राज्यसभा के द्विवार्षिक और उपचुनावों (Biennial/Bye-Elections) के लिए अपने आधिकारिक उम्मीदवारों की बहुप्रतीक्षित सूची जारी कर दी है। नई दिल्ली स्थित 24 अकबर रोड कांग्रेस मुख्यालय से पार्टी के संगठन महासचिव के.सी. वेणुगोपाल के हस्ताक्षरों से जारी इस आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने देश के 5 राज्यों से सात प्रमुख चेहरों के नामों को चुनावी मैदान में उतारने की मंजूरी दे दी है। इस सूची में सबसे बड़ा नाम खुद कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे का है, जो कर्नाटक से उच्च सदन के लिए दांव खेलेंगे। पार्टी की इस नई सूची में अनुभवी चेहरों के साथ-साथ पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ताओं और रणनीतिकारों को तरजीह दी गई है।
कांग्रेस मुख्यालय द्वारा जारी इस सूची में दक्षिण भारतीय राज्य कर्नाटक को सबसे अधिक प्रतिनिधित्व मिला है, जहां से तीन दिग्गजों को उम्मीदवार बनाया गया है। इसमें कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के अलावा, पार्टी के वरिष्ठ नेता और मीडिया व प्रचार विभाग के प्रमुख पवन खेड़ा तथा मंसूर अली खान को मैदान में उतारा गया है। कर्नाटक में कांग्रेस की मजबूत स्थिति को देखते हुए इन तीनों ही नेताओं की उच्च सदन में राह काफी आसान मानी जा रही है। वहीं, हिंदी बेल्ट के प्रमुख राज्य मध्य प्रदेश से कांग्रेस ने पूर्व सांसद और राहुल गांधी की कोर टीम की अहम सदस्य मानी जाने वाली मीनाक्षी नटराजन पर एक बार फिर बड़ा भरोसा जताया है।
मरुधरा यानी राजस्थान के राजनीतिक समीकरणों को साधने के लिए कांग्रेस ने अपने वरिष्ठ नेता नीरज डांगी को फिर से चुनावी मैदान में उतारा है, जो पूर्व में भी संसद के इस उच्च सदन में राज्य का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं। इसके अलावा, दक्षिण भारत के एक और महत्वपूर्ण राज्य तमिल नाडु से पार्टी के डेटा एनालिटिक्स विभाग के चेयरमैन और जाने-माने आर्थिक रणनीतिकार प्रवीन चक्रवर्ती को राज्यसभा का टिकट दिया गया है। वहीं, झारखंड में होने वाले राज्यसभा चुनाव के लिए कांग्रेस आलाकमान ने अपने राष्ट्रीय सचिव और मीडिया विभाग से जुड़े वरिष्ठ नेता प्रणव झा के नाम पर अंतिम मुहर लगाई है।
पार्टी के संगठन महासचिव के.सी. वेणुगोपाल द्वारा 4 जून 2026 को जारी किए गए इस आधिकारिक पत्र में साफ किया गया है कि इन सभी चयनित नामों को राज्यों के मौजूदा राजनीतिक समीकरणों, क्षेत्रीय संतुलन और राष्ट्रीय स्तर पर पार्टी की भूमिका को ध्यान में रखते हुए अंतिम रूप दिया गया है। सभी राज्यों में नामांकन की प्रक्रिया शुरू होने के साथ ही कांग्रेस के ये सभी उम्मीदवार संबंधित विधानसभाओं में अपना परचा दाखिल करेंगे। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि मल्लिकार्जुन खड़गे और पवन खेड़ा जैसे मुखर नेताओं के संसद पहुंचने से उच्च सदन में सरकार के खिलाफ विपक्ष की घेराबंदी और अधिक आक्रामक नजर आएगी।
About Author
You may also like
राजस्थान निकाय चुनाव : 39 जिलों की 162 निकायों में लोकतंत्र का उत्सव, सुबह से कतारों में दिखे वोटर, 57 लाख से अधिक लोग चुनेंगे शहर की सरकार
पर्दे के पीछे का उदयपुर : जब हर चौखट पर सजता है दरबारे-खास और किरदार बदलते हैं नकाब
सत्य निकेतन की शिक्षा-सुरंग : अठारह हज़ारी पिंजरे, कांपती नींवें और शोक संदेशों की मौसमी बारिश
उदयपुर में सीएम भजनलाल शर्मा को रोड शो : ट्रैफिक जाम में फंसा ‘ट्रिपल इंजन’ और कश्मीर का मुगालता
उदयपुर में मुख्यमंत्री का शक्ति-प्रदर्शन: यह आत्मविश्वास है या भीतरी घबराहट?

