नई दिल्ली। भारत सरकार ने एशियाई विकास बैंक (एडीबी) के साथ देश के चार राज्यों—महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, गुजरात और असम—में प्रमुख विकास परियोजनाओं के लिए 80 करोड़ डॉलर से अधिक मूल्य के तीन ऋण समझौतों तथा 10 लाख डॉलर के तकनीकी सहायता अनुदान पर हस्ताक्षर किए। ये समझौते आर्थिक कार्य विभाग (वित्त मंत्रालय) और एडीबी के प्रतिनिधि अधिकारियों की उपस्थिति में संपन्न हुए।
हस्ताक्षर समारोह में भारत सरकार की ओर से आर्थिक कार्य विभाग के उप सचिव श्री सौरभ सिंह, जबकि एडीबी की ओर से भारत रेजिडेंट मिशन की कंट्री डायरेक्टर सुश्री मियो ओका प्रमुख रूप से मौजूद रहीं।
महाराष्ट्र के लिए 50 करोड़ डॉलर का कृषि सौरीकरण विद्युत वितरण कार्यक्रम
महाराष्ट्र में ग्रामीण विद्युत नेटवर्क को मजबूत और आधुनिक बनाने के लिए 50 करोड़ डॉलर का ऋण समझौता किया गया है। इस कार्यक्रम का मुख्य लक्ष्य किसानों को दिन के समय सौर ऊर्जा आधारित सिंचाई उपलब्ध कराना है, जिससे कृषि उत्पादकता में सीधा लाभ होगा।
कार्यक्रम के अंतर्गत—
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राज्य के विद्युत वितरण नेटवर्क का नवीकरणीय ऊर्जा के अनुरूप आधुनिकीकरण,
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सबस्टेशनों का उन्नयन,
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उच्च एवं निम्न दाब विद्युत लाइनों का निर्माण,
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ट्रांसफार्मरों की स्थापना, तथा
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500 मेगावाट-घंटा क्षमता की बैटरी ऊर्जा भंडारण प्रणाली का विकास शामिल है।
सरकार का लक्ष्य है कि वर्ष 2028 तक कम से कम 9 लाख कृषि उपभोक्ताओं को दिन में बिजली की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए।
इंदौर मेट्रो की भूमिगत लाइन के लिए 19.06 करोड़ डॉलर का जापानी येन ऋण
इंदौर मेट्रो परियोजना के लिए जापानी येन में 27,147,200,000 येन (लगभग 19 करोड़ 6 लाख डॉलर) का ऋण उपलब्ध कराया गया है। इस राशि का उपयोग शहर के घनी आबादी वाले क्षेत्रों को एयरपोर्ट से जोड़ने वाली 8.62 किमी लंबी भूमिगत मेट्रो लाइन के निर्माण में किया जाएगा।
इस लाइन में कुल 7 भूमिगत स्टेशन शामिल होंगे। परियोजना में बस सेवाओं और अन्य फीडर सेवाओं के साथ मल्टी-मोडल एकीकरण भी किया जाएगा, जिससे यात्रियों की आवाजाही अधिक सुगम होगी।
मध्य प्रदेश मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन लिमिटेड इस परियोजना को लागू करेगा और इसका संचालन जनवरी 2030 से प्रस्तावित है।
गुजरात में कौशल विकास के लिए 10 करोड़ 99.7 लाख डॉलर का ऋण
गुजरात के युवाओं को उद्योग-समन्वित कौशल प्रदान करने और उन्हें उभरते क्षेत्रों में रोजगार के अवसरों के अनुरूप तैयार करने के लिए लगभग 11 करोड़ डॉलर का ऋण समझौता किया गया है।
यह कार्यक्रम राज्य के श्रम, कौशल विकास और रोजगार विभाग द्वारा कौशल्या—द स्किल यूनिवर्सिटी (KSU) के सहयोग से संचालित होगा। योजना के अंतर्गत—
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11 मेगा आईटीआई का आधुनिकीकरण,
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उत्कृष्टता केंद्रों की स्थापना,
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निजी प्रशिक्षण प्रदाताओं के साथ साझेदारी, और
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उद्योग की मांगों के अनुरूप पाठ्यक्रमों का विकास शामिल है।
लॉजिस्टिक्स, ऑटोमोबाइल, विनिर्माण, आईटी, स्वास्थ्य सेवा, कृषि-टेक और नवीकरणीय ऊर्जा जैसे तेजी से बढ़ते क्षेत्रों पर इस कार्यक्रम में विशेष ध्यान दिया गया है।
असम के लिए आर्द्रभूमि और मत्स्यपालन के सतत विकास हेतु 10 लाख डॉलर का अनुदान
असम में सतत आर्द्रभूमि और एकीकृत मत्स्यपालन परिवर्तन (SWIFT) परियोजना के लिए एडीबी ने 10 लाख डॉलर की तकनीकी सहायता अनुदान स्वीकृत की है।
यह अनुदान परियोजना के डिजाइन, क्रियान्वयन और राज्य की आर्द्रभूमि के पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत करने के साथ-साथ मत्स्यपालन उत्पादन बढ़ाने में तकनीकी सहयोग प्रदान करेगा।
साझेदारी में विकास को नई गति
भारत सरकार और एडीबी के बीच यह समझौता ऊर्जा, शहरी यातायात, कौशल विकास और पर्यावरण संरक्षण जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में सहयोग को नई गति प्रदान करता है।
इन परियोजनाओं के सफल क्रियान्वयन से न केवल संबंधित राज्यों में अवसंरचना और कौशल क्षमता का विकास होगा, बल्कि बड़े स्तर पर रोजगार सृजन और आर्थिक वृद्धि को भी मजबूती मिलेगी।
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