न्यूयॉर्क। डोनाल्ड ट्रम्प द्वारा संभावित टैरिफ की धमकी के बीच, यूरोपीय संघ (EU) और दक्षिण अमेरिकी व्यापार ब्लॉक मर्कोसुर ने दुनिया के सबसे बड़े व्यापार क्षेत्रों में से एक बनाने के लिए एक ऐतिहासिक समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं। इसमें अर्जेंटीना, ब्राजील, पैराग्वे और उरुग्वे शामिल हैं। यह सौदा 700 मिलियन से अधिक लोगों के साथ बाजारों को जोड़ेगा और EU का अब तक का सबसे बड़ा व्यापार समझौता होगा।
• व्यापार समझौते का उद्देश्य:
• टैरिफ हटाकर मुक्त व्यापार को बढ़ावा देना।
• मांस, कार, शराब और चॉकलेट जैसे उत्पादों पर शुल्क समाप्त करना।
• यूरोप और दक्षिण अमेरिका के बीच व्यापारिक संबंधों को मजबूत करना।
• फ्रांस का विरोध:
• फ्रांस ने सस्ते कृषि आयातों की संभावित डंपिंग से अपने किसानों को नुकसान पहुंचने की चिंता जताई है।
• इसके बावजूद, पेरिस बाकी यूरोपीय देशों को इस सौदे के खिलाफ मतदान के लिए मनाने में विफल रहा है।
• ट्रम्प का प्रभाव:
• ट्रम्प के संभावित कार्यकाल में अमेरिका द्वारा उच्च टैरिफ लगाए जाने की आशंका के चलते, यूरोपीय संघ ने अपने व्यापारिक साझेदारों में विविधता लाने पर जोर दिया है।
• यह सौदा चीन और अमेरिका से प्रतिस्पर्धा के बीच यूरोपीय संघ के लिए एक महत्वपूर्ण रणनीतिक कदम है।
भविष्य का असर:
• यदि यह समझौता EU के सदस्य देशों और संसद द्वारा स्वीकृत होता है, तो यह वैश्विक व्यापार को नई दिशा देगा।
• फ्रांस अभी भी इसे रोकने के लिए प्रयास कर रहा है, जिससे EU के भीतर तनाव बढ़ सकता है।
यह समझौता यूरोप और दक्षिण अमेरिका के लिए आर्थिक सहयोग को बढ़ावा देने वाला कदम है, लेकिन इसके साथ आने वाली राजनीतिक चुनौतियों को भी नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।
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