
नई दिल्ली | देशभर में आज से आम आदमी की जेब पर बोझ बढ़ गया है। तेल विपणन कंपनियों (OMCs) ने पेट्रोल और डीजल की कीमतों में ₹3 प्रति लीटर की भारी बढ़ोतरी की है। इसके साथ ही दिल्ली में CNG के दामों में भी ₹2 प्रति किलो का इजाफा किया गया है। करीब दो साल के लंबे अंतराल के बाद ईंधन की कीमतों में यह पहला बड़ा बदलाव है।
आज सुबह से लागू हुई नई दरों के बाद दिल्ली में पेट्रोल की कीमत ₹97.77 प्रति लीटर और डीजल की कीमत ₹90.67 प्रति लीटर हो गई है। मुंबई में पेट्रोल ₹106.68 और डीजल ₹93.14 के स्तर पर पहुँच गया है। कोलकाता में पेट्रोल ₹108.74 और डीजल ₹95.13 प्रति लीटर मिल रहा है, जबकि चेन्नई में पेट्रोल ₹103.67 और डीजल ₹95.25 प्रति लीटर हो गया है।
इस बढ़ोतरी के पीछे सबसे बड़ी वजह अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतों में आया उछाल है। ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के कारण कच्चे तेल के दाम $70 प्रति बैरल से बढ़कर $100 के पार चले गए हैं। सरकारी तेल कंपनियां (IOC, BPCL, HPCL) पिछले काफी समय से भारी घाटे में चल रही थीं। आंकड़ों के अनुसार, इन कंपनियों को हर महीने करीब ₹30,000 करोड़ का नुकसान हो रहा था, जिसकी भरपाई के लिए यह कदम उठाना अनिवार्य हो गया था।
डीजल के दाम बढ़ने का सीधा असर देश की रसद और माल ढुलाई प्रणाली पर पड़ता है। ट्रक और टेम्पो का किराया बढ़ने से फल, सब्जियां और अन्य जरूरी राशन सामग्री महंगी होने की पूरी संभावना है। साथ ही, खेती में इस्तेमाल होने वाले ट्रैक्टरों और पंपिंग सेट की लागत बढ़ने से किसानों पर भी अतिरिक्त बोझ पड़ेगा। सार्वजनिक परिवहन और स्कूल बसों के किराए में भी जल्द ही बढ़ोतरी देखी जा सकती है।
बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि ₹3 की यह बढ़ोतरी अभी काफी नहीं है। तेल कंपनियों के वित्तीय घाटे को पूरी तरह खत्म करने के लिए पेट्रोल पर ₹28 और डीजल पर ₹32 प्रति लीटर तक की वृद्धि की आवश्यकता बताई जा रही है। यदि वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की सप्लाई और कीमतों में सुधार नहीं होता है, तो आने वाले दिनों में किस्तों में और भी इजाफा देखने को मिल सकता है।
इससे पहले सरकार ने एक्साइज ड्यूटी में कटौती कर कीमतों को स्थिर रखने का प्रयास किया था, लेकिन अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों ने अब कीमतों में वृद्धि को अपरिहार्य बना दिया है।
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