
तेहरान/यरूशलेम/इस्लामाबाद |

अमेरिका और ईरान के बीच हुए हालिया युद्धविराम पर अनिश्चितता के बादल मंडराने लगे हैं। लेबनान पर इजरायल के भीषण हमलों के बाद ईरान ने चेतावनी दी है कि यदि लेबनान में हिंसा नहीं रुकी, तो शांति प्रक्रिया खतरे में पड़ सकती है। इस बीच, इजरायल और लेबनान के बीच सीधे संवाद की संभावनाओं ने क्षेत्रीय कूटनीति में एक नया मोड़ ला दिया है।
ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने स्पष्ट किया है कि भविष्य की बातचीत इस बात पर निर्भर करेगी कि अमेरिका लेबनान सहित सभी मोर्चों पर युद्धविराम की अपनी प्रतिबद्धताओं का पालन करता है या नहीं।
विवाद का केंद्र : अमेरिका और इजरायल का दावा है कि लेबनान इस समझौते का हिस्सा नहीं है, जबकि पाकिस्तान के प्रधानमंत्री ने पूर्व में कहा था कि अमेरिका सभी मोर्चों पर युद्ध रोकने के लिए प्रतिबद्ध है।
पाकिस्तान का रुख : संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) में पाकिस्तान के प्रतिनिधि ने भी पुष्टि की है कि समझौते के मसौदे में लेबनान के खिलाफ शत्रुता को रोकना शामिल था।
लेबनान में तबाही: 200 से अधिक मौतें
लेबनान में इजरायली हमलों के कारण स्थिति भयावह हो गई है। बुधवार को हुए हमलों में कम से कम 203 लोगों की मौत हुई और 1,000 से अधिक लोग घायल हुए हैं। इसके विरोध में लेबनान में आज एक दिन के शोक की घोषणा की गई है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने चेतावनी दी है कि घायलों की बढ़ती संख्या के कारण लेबनान के अस्पतालों में जीवन रक्षक दवाओं की भारी कमी हो सकती है।
इजरायल और लेबनान के बीच सीधी बातचीत की पहल
एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम में, इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने अपनी कैबिनेट को लेबनान के साथ जल्द से जल्द सीधी बातचीत शुरू करने के निर्देश दिए हैं।
मुख्य उद्देश्य: इन वार्ताओं का मुख्य फोकस हिजबुल्लाह का निशस्त्रीकरण और इजरायल-लेबनान के बीच शांतिपूर्ण संबंध स्थापित करना होगा।
लेबनान की प्रतिक्रिया: लेबनान के राष्ट्रपति जोसेफ आउन ने भी शांति प्रस्ताव के प्रति ‘सकारात्मक प्रतिक्रिया’ दी है और कहा है कि मौजूदा संकट का एकमात्र समाधान इजरायल और लेबनान के बीच सीधा युद्धविराम ही है।
जर्मनी और रूस : जर्मन चांसलर फ्रेडरिक मेर्ज़ ने लेबनान में सैन्य अभियान पर चिंता जताते हुए कहा है कि इससे पूरी शांति प्रक्रिया विफल हो सकती है। वहीं, रूस ने भी इन हमलों की निंदा करते हुए चेतावनी दी है कि इससे वार्ता के प्रयास पटरी से उतर सकते हैं।
अमेरिका में आंतरिक विरोध : अमेरिका में डेमोक्रेटिक सांसदों ने राष्ट्रपति ट्रंप की युद्ध शक्तियों को सीमित करने का प्रयास किया, जिसे रिपब्लिकन सांसदों ने फिलहाल रोक दिया है।
हॉर्मुज जलडमरूमध्य पर नया कर?
इस तनाव के बीच संयुक्त राष्ट्र की शिपिंग एजेंसी ने ईरान द्वारा हॉर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) से गुजरने वाले जहाजों पर टोल टैक्स लगाने के विचार पर चिंता जताई है। एजेंसी का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय जलमार्गों पर शुल्क लगाना एक ‘खतरनाक मिसाल’ कायम करेगा।
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