फोटो : कमल कुमावत

उदयपुर। उदयपुर में करवा चौथ का पर्व धूमधाम से मनाया गया, जहां महिलाओं ने अपनी परंपराओं का पालन करते हुए व्रत रखा। यह दिन न केवल पति-पत्नी के प्रेम और समर्पण का प्रतीक है, बल्कि पति की लंबी उम्र की कामना का भी अवसर है।
महिलाओं ने सुबह से ही निर्जला व्रत की तैयारी की। चांद के निकलने से पहले, उन्होंने साज-श्रृंगार किया और अपने मनपसंद कपड़े पहनकर पूजा की तैयारी में जुट गईं। इस दौरान, सभी ने एक-दूसरे को शुभकामनाएं दीं और व्रत की महत्वता को समझाया।

जैसे ही चांद आकाश में प्रकट हुआ, महिलाओं ने अपने थालियों में रखा पूजा का सामान लेकर चांद को देखकर संजीवनी व्रत खोला। इस अवसर पर उन्होंने चांद की पूजा की और अपने पति की लंबी उम्र और सुख-समृद्धि की कामना की।

उदयपुर की गलियों में करवा चौथ की रौनक देखने लायक थी। महिलाएं खुशी-खुशी अपने-अपने परिवार के साथ इस दिन की महत्ता का अनुभव कर रही थीं। यह पर्व न केवल प्यार और समर्पण का प्रतीक है, बल्कि यह हमारे सांस्कृतिक धरोहर का भी सम्मान करता है।

इस प्रकार, उदयपुर में करवा चौथ का पर्व एक नई रौनक लेकर आया, जिसमें महिलाओं ने अपनी धार्मिक परंपराओं को जीवित रखा और पति के प्रति अपनी निष्ठा को दर्शाया।


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