
मुंबई। ठाणे क्राइम ब्रांच ने एक ऐसी लुटेरों की टोली का भंडाफोड़ किया है, जो सोने की चेन और मोबाइल फोन लूटने में माहिर थी। पुलिस ने इस मामले में चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिनके नाम तौइफ हुसैन (21), मोहम्मद अली (36), अरबाज जाफरी (27), और सूरज सालुंके (19) बताए गए हैं। इन अपराधियों ने न केवल ठाणे बल्कि भिवंडी, कल्याण और बदलापुर जैसे इलाकों में आतंक मचा रखा था।
पुलिस पूछताछ में इन चारों ने 70 से अधिक चोरियों को अंजाम देने की बात कबूल की है। इनके कब्जे से 510 ग्राम सोना, 24 महंगे मोबाइल फोन और पांच मोटरसाइकिलें बरामद की गईं, जिनकी कुल कीमत करीब 50 लाख रुपये आंकी गई है।
पुलिस ने बताया कि ये आरोपी मुख्यतः मोटरसाइकिल का इस्तेमाल करते थे। एक आरोपी बाइक चलाता था, जबकि दूसरा राहगीरों से सोने की चेन या मोबाइल फोन छीन लेता था। इनके निशाने पर खासतौर पर महिलाएं और अकेले चलने वाले लोग होते थे। यह गैंग इतनी तेज़ी से वारदात को अंजाम देता था कि पीड़ितों को संभलने का मौका तक नहीं मिलता था।
चारों आरोपियों का आपराधिक इतिहास पहले से ही दागदार है। पुलिस अधिकारी ने बताया, “इनके खिलाफ पहले से दर्जनों मामले चल रहे हैं। अब तक 42 मामलों को सुलझाया जा चुका है, जो इनसे जुड़े हैं।”
इस गैंग को पकड़ने में पुलिस की खुफिया टीम और तकनीकी साक्ष्यों ने अहम भूमिका निभाई। महीनों की मेहनत और जाल बिछाने के बाद इन्हें ठाणे से धर दबोचा गया।
एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, “ये आरोपी अपने छोटे-छोटे अपराधों से शुरुआत कर बड़े नेटवर्क का हिस्सा बनने की तैयारी में थे। लेकिन हमारी सतर्कता ने इन्हें समय पर रोक दिया।”
अब पुलिस इनकी संपूर्ण कार्यप्रणाली को समझने के लिए गहन जांच में जुटी हुई है। क्या ये किसी बड़े अपराधी नेटवर्क का हिस्सा थे या अकेले ही यह आतंक मचा रहे थे, इसका पता जल्द ही चलने की उम्मीद है।
पुलिस इन आरोपियों के खिलाफ पुख्ता सबूत जुटा रही है, ताकि इन्हें अदालत में सख्त सजा दिलाई जा सके। फिलहाल, ठाणे, भिवंडी और आसपास के इलाकों में लोगों ने राहत की साँस ली है, क्योंकि लंबे समय से सक्रिय इस गैंग की गिरफ्तारी ने क्षेत्र में सुरक्षा का भरोसा बहाल किया है।
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