देश के विकास में हिंदुस्तान जिंक की बड़ी हिस्सेदारी : वित्त वर्ष 26 में सरकारी खजाने को दिए 18,846 करोड़, पिछले 5 वर्षों का कुल योगदान 91,572 करोड़ रुपए के पार

उदयपुर/जयपुर। भारत की एकमात्र और विश्व की सबसे बड़ी इंटीग्रेटेड जिंक उत्पादक वेदांता समूह की कंपनी हिंदुस्तान जिंक ने अपनी 9वीं टैक्स ट्रांसपेरेंसी रिपोर्ट (Tax Transparency Report) जारी कर दी है। इस रिपोर्ट के अनुसार, कंपनी ने देश के आर्थिक विकास और ‘आत्मनिर्भर भारत’ मिशन के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को दोहराते हुए वित्त वर्ष 2025-26 में देश के राजकीय कोष में कुल 18,846 करोड़ रुपये का भारी-भरकम योगदान दिया है। पारदर्शी शासन और जिम्मेदार व्यावसायिक तरीकों को दर्शाने वाला यह कुल योगदान वास्तव में कंपनी के वार्षिक राजस्व का 46 प्रतिशत हिस्सा है, जो राष्ट्र निर्माण में निजी-सार्वजनिक कॉरपोरेट की भागीदारी का एक बड़ा उदाहरण पेश करता है। इस ताज़ा वित्तीय आंकड़े के जुड़ने के साथ ही, पिछले पांच वर्षों में हिंदुस्तान जिंक द्वारा सरकारी खजाने में किया गया कुल संचयी योगदान अब 91,572 करोड़ रुपये के पार पहुंच गया है।

इस विशाल वित्तीय योगदान को वित्त वर्ष 2026 के दौरान हिंदुस्तान जिंक के मजबूत परिचालन और ऐतिहासिक वित्तीय प्रदर्शन से सबसे ज्यादा बल मिला है। इस वित्तीय वर्ष में कंपनी ने शानदार प्रदर्शन करते हुए कुल 40,844 करोड़ रुपये का राजस्व अर्जित किया, जबकि कंपनी का एबिटा (EBITDA) 22,162 करोड़ रुपये और शुद्ध लाभ (कर के बाद लाभ) 13,832 करोड़ रुपये दर्ज किया गया है। उत्पादन के मोर्चे पर भी कंपनी ने एक नया कीर्तिमान स्थापित करते हुए 1,114 किलो टन (KT) का अब तक का सबसे अधिक खनित धातु (Mined Metal) उत्पादन हासिल किया, जबकि बहुमूल्य चांदी का कुल वार्षिक उत्पादन 627 टन दर्ज हुआ। बाजार में लगातार वैल्यू बनाने और अपनी निर्विवाद लीडरशिप को दिखाने के चलते हिंदुस्तान जिंक को 30 सितंबर 2025 से नेशनल स्टॉक एक्सचेंज के ‘निफ्टी 100’ एवं ‘निफ्टी नेक्स्ट 50’ इंडेक्स में शामिल किया गया था, जिसके बाद 31 दिसंबर 2025 से कंपनी को सभी ‘निफ्टी ईएसजी (ESG) इंडेक्स’ में भी स्थान मिल गया। विनिवेश के बाद से अब तक कंपनी ने अपने शेयरधारकों को कुल 1,400 गुना से अधिक का बंपर रिटर्न दिया है, जिसमें शेयर की कीमत का सीएजीआर (CAGR) लगभग 33 प्रतिशत दर्ज किया गया है।

कंपनी की 9वीं टैक्स ट्रांसपेरेंसी रिपोर्ट में सरकारी खजाने में दिए गए 18,846 करोड़ रुपये के इस योगदान का पूरा ब्योरा रनिंग डेटा के तौर पर विस्तार से दिया गया है। इसके तहत वित्त वर्ष 2026 में कंपनी ने सबसे बड़ा हिस्सा अप्रत्यक्ष कर (Indirect Taxes) के तौर पर 6,637 करोड़ रुपये का चुकाया है। इसके बाद सरकारी रॉयल्टी के रूप में 5,073 करोड़ रुपये का योगदान दिया गया, जिसमें डिस्ट्रिक्ट मिनरल फाउंडेशन (DMF) और नेशनल मिनरल एक्सप्लोरेशन ट्रस्ट (NMET) को दी जाने वाली राशि भी पूरी तरह शामिल है। इसके अलावा कंपनी ने आय पर कॉर्पोरेट टैक्स के तौर पर 4,552 करोड़ रुपये का भुगतान किया, जिसके चलते वित्त वर्ष 2026 के लिए कंपनी की प्रभावी टैक्स दर (Effective Tax Rate) 25.26 प्रतिशत रही है। वहीं, भारत सरकार को कॉर्पोरेट डिविडेंड (लाभांश) के रूप में 1,180 करोड़ रुपये दिए गए, विदहोल्डिंग टैक्स के तौर पर 755 करोड़ रुपये, अन्य करों व शुल्कों के रूप में 593 करोड़ रुपये और अन्य अप्रत्यक्ष योगदान के रूप में 56 करोड़ रुपये का भुगतान राजकीय कोष में किया गया है।

यह पूरी रिपोर्ट अंतरराष्ट्रीय मानकों के तहत ‘ग्लोबल रिपोर्टिंग इनिशिएटिव’ (GRI 207: टैक्स 2019 फ्रेमवर्क) के अनुरूप तैयार की गई है, जिसे एक्सट्रैक्टिव इंडस्ट्रीज ट्रांसपेरेंसी इनिशिएटिव और आईसीएमएम (ICMM) सोशल एंड इकोनॉमिक रिपोर्टिंग फ्रेमवर्क के सिद्धांतों द्वारा निर्देशित किया गया है। अपनी पारदर्शिता और मजबूत गवर्नेंस फ्रेमवर्क को पुख्ता करने के लिए हिंदुस्तान जिंक ने दुनिया की एक प्रतिष्ठित ‘बिग 4’ (Big 4) ऑडिट फर्म को नियुक्त किया था, जिसने इस रिपोर्ट पर अपनी स्वतंत्र एश्योरेंस रिपोर्ट देकर इसके पारदर्शी खुलासों और सटीकता की पुष्टि की है। गौरतलब है कि टैक्स को एक महत्वपूर्ण ईएसजी (पर्यावरण, सामाजिक और शासन) पहलू माना जाता है, जो सतत विकास के लक्ष्यों को पूरा करता है। इसी के चलते ‘एसएंडपी ग्लोबल कॉरपोरेट सस्टेनेबिलिटी एसेसमेंट 2025’ द्वारा हिंदुस्तान जिंक को लगातार तीसरे वर्ष मेटल और माइनिंग (धातु और खनन) क्षेत्र में पूरे विश्व में प्रथम स्थान प्राप्त हुआ है।

 

 

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