उदयपुर बाल पुस्तक महोत्सव : मोबाइल जनरेशन ने सीखा किताबों को समझना और पढ़ने की आदत डालना

उदयपुर। विद्या भवन द्वारा आयोजित ‘समझ के साथ पढ़ना’ अभियान के तहत ‘उदयपुर बाल पुस्तक महोत्सव’ 3 से 31 जनवरी, 2024 तक चला। पढ़ने-लिखने और समझने की संस्कृति को बढ़ावा देने के लिहाज़ से विद्या भवन शिक्षा संदर्भ केंद्र द्वारा इस अनूठी पहल की शुरुआत की गई।


इस अभियान के तहत बच्चों को गुणवत्तापूर्ण सामग्री से रूबरू करवाकर उनके सीखने के आत्मविश्वास को बढ़ाने की पुरज़ोर कोशिश रही। इस दौरान बच्चों की आधारभूत शिक्षा को बल प्रदान करते हुए उन्हें कुशल पाठक बनने और जीवनपर्यंत सीखने के लिए प्रेरित किया गया।


इस पूरे माह में विभिन्न सरकारी स्कूलों (13) व वंचित समुदाय के बच्चों ने महोत्सव में भागीदारी की। इसी क्रम में उनके साथ भाषा, विज्ञान व गणित सीखने, जेंडर की समझ, अंधविश्वास विरोधी गतिविधियाँ आयोजित की गईं। इन गतिविधियों को विद्या भवन के साथ विभिन्न राष्ट्र स्तरीय संस्थाओं (एकलव्य, कथा मंच, सीएमएफ, एलएलएफ, वेलनेस, थर्ड स्पेस आदि) के विशेषज्ञों व साधन सेवियों द्वारा संचालित किया गया। साथ ही लगभग 10 सरकारी स्कूलों के लिए पुस्तकों व सामग्री का एक सेट डोनेट किया गया। इसके अलावा लगभग 30 अन्य शैक्षिक संस्थाओं द्वारा अपने विद्यार्थियों के लिए लगभग 700 शीर्षकों की पुस्तकें उपलब्ध करवाई गईं।


इस पूरी अवधि के दौरान उदयपुर के 13 राजकीय एवं 13 निजी विद्यालयों के लगभग 2000 से अधिक बच्चों ने 140 शिक्षकों के साथ हिस्सा लिया। इनमें सेवा मंदिर, जतन, मंजरी फाउंडेशन, धरोहर संस्थान, अलर्ट संस्थान, विद्या भवन, बधिर व बौद्धिक दिव्यांग स्कूल अभिलाषा, हंसराज बालिका आवास गृह, श्री विद्या फॉरेस्ट स्कूल, अभिलाषा कोडिंग प्रोग्राम एवं खालसा पब्लिक आदि संस्थाओं द्वारा संचालित स्कूल शामिल थे। इन बच्चों के साथ शहर के लगभग 1500 जागरूक आम नागरिक भी अपने बच्चों के साथ इस अभियान का हिस्सा बने एवं उन्होंने अपने बच्चों के लिए यहाँ से विश्वस्तरीय बाल साहित्य व शैक्षिक सामग्री प्राप्त की।


विद्या भवन शिक्षा संदर्भ केंद्र द्वारा यह आयोजन एकलव्य, एचटी पारिख फाउंडेशन, लैंग्वेज लर्निंग फाउंडेशन, सेंटर फॉर माइक्रों फाइनेंस, तथा रमा मेहता ट्रस्ट जैसी नामचीन संस्थाओं के साथ मिलकर किया गया।


इस अवसर पर समझ के साथ पढ़ना विषयक गोष्ठी का आयोजन किया गया जिसमें विद्या भवन सोसायटी के उपाध्यक्ष श्री हंसराज चौधरी मुख्य अतिथि रहे। प्रोफेसर रमाकांत अग्निहोत्री ने महोत्सव के सफल सञ्चालन पर पूरी टीम को बधाई दी। विद्या भवन सोसायटी के मुख्य संचालक श्री अनुराग प्रियदर्शी ने कहा कि ‘यह पुस्तक महोत्सव निकट भविष्य में उदयपुर के साहित्यिक कैलेण्डर का हिस्सा बनेगा’। चौधरी साहब ने अपने वक्तव्य में विद्या भवन की विशिष्टता पर रोशनी डालते हुए कहा कि ‘विद्या भवन में शुरू से ही ऐसे नवाचार होते रहे हैं’। गोष्ठी की विशिष्ट अतिथि प्रोफेसर साधना सक्सेना ने रेखांकित किया कि पढ़ना एक सतत प्रक्रिया है और इसमें शिक्षक की भूमिका अत्यंत महत्त्वपूर्ण है। इसी क्रम में सेवा मंदिर के मुख्य संचालक श्री रौनक शाह, प्रोफेसर अरुण चतुर्वेदी, श्रीमती पुष्पा शर्मा एवं विद्या भवन के संस्था प्रधानों ने भी पढ़ने की समझ एवं इस प्रक्रिया के दौरान आने वाली चुनौतियों पर अपने विचार साझा किए। इस गोष्ठी का संचालन श्री कमल महेन्द्रू द्वारा किया गया।


‘समझ के साथ पढ़ना’ अभियान के तहत यह बाल पुस्तक महोत्सव उदयपुर में बच्चों के लिए अपनी तरह का पहला प्रयास है और इसे हर साल आयोजित किया जाएगा। इस पहल का लक्ष्य बच्चों में पढ़ने, समझने और सीखने की आदत व संस्कृति को बढ़ावा देना है।

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