
उदयपुर। मार्तण्ड फाउंडेशन द्वारा प्रस्तुत नाटक “सिरफिरों का घर” का मंचन दर्शकों के लिए भावनात्मक अनुभव लेकर आया। नाटक में एक परिवार – पिता, माँ और बेटे – की पीढ़ियों के बीच टकराव, रिश्तों के खट्टे-मीठे स्वर और अंततः प्रेम की डोर में बंधने की कहानी दिखाई गई।
कथा में बेटा अपनी गैर-गंभीर प्रवृत्ति और बार-बार नौकरी बदलने की आदत से पिता से भिन्न नजर आता है। अनुशासनप्रिय और नकारात्मक सोच रखने वाला पिता अक्सर बेटे का मज़ाक उड़ाता है, जबकि माँ करुणा और समझदारी का सेतु बनकर दोनों के बीच संतुलन कायम रखती है। नाटक का संदेश यह रहा कि मतभेदों के बावजूद जीवन अंततः सबको प्रेम से जोड़ देता है।

संगीत, मूकाभिनय, कठपुतली, मुखौटे, इतिहास और कविता का संगम इस प्रस्तुति को और भी प्रभावशाली बनाता है। नाटक के माध्यम से हमारे पारंपरिक मूल्यों और संस्कृति के प्रति संवेदना भी व्यक्त की गई।

नाटक में योगदान
• तकनीकी सहयोग : दीपेश शर्मा, धर्मेश शर्मा
• संगीत : सामर्थ जनवे
• अभिनेता : मनीष शर्मा, किरण जनवे, अमित मेनारिया, विलास जनवे
• निर्माण : मार्तण्ड फाउंडेशन, उदयपुर
About Author
You may also like
हिंदुस्तान जिंक के 60 साल पूरे : उत्पादन को 2 एमटीपीए तक दोगुना करने का लक्ष्य, अगले 5 वर्षों में होगा 40,000-50,000 करोड़ का बड़ा निवेश
उदयपुर : प्रेम प्रसंग में युवक का अपहरण कर पहाड़ी पर बेरहमी से हत्या, महिला सहित 4 लोग डिटेन
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 4 जुलाई को करेंगे पचपदरा रिफाइनरी का शुभारंभ, मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने तैयारियों का लिया जायजा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सेशेल्स यात्रा: दोनों देशों के बीच यूपीआई, प्रत्यर्पण संधि और अंतरिक्ष सहयोग समेत 9 समझौतों पर लगी मुहर
ग्रामीण राजस्थान में शिक्षा की नई अलख : हिंदुस्तान जिंक के ‘शिक्षा संबल’ कार्यक्रम से 2018 से अब तक 47,000 विद्यार्थी लाभान्वित
