उदयपुर। श्री सुंदर सिंह भंडारी चेरिटेबल ट्रस्ट की ओर से पिछले दस सालों से विशिष्टजन सम्मान कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है, लेकिन यह पहला मौका है, जब इस कार्यक्रम की उसी तरह चर्चा हो रही है, जिस प्रकार बिग बॉस या कपिल शर्मा शो में आने वाले मेहमानों को लेकर होती है। इसकी वजह यह है कि इन कार्यक्रमों में उन्हीं मेहमानों को बुलाया जाता है, जिसके साथ कोई न कोई कंट्रोवर्सी हो। इस बार श्री सुंदर सिंह भंडारी चेरिटेबल ट्रस्ट की ओर से 23 जून को होने वाले कार्यक्रम पर उदयपुर से लेकर जयपुर और दिल्ली तक नजर रखी जा रही है।
खास बात यह है कि इस कार्यक्रम में पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे बतौर मुख्य वक्ता शिरकत कर रही हैं। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि और ट्रस्ट के सर्वेसर्वा गुलाबचंद कटारिया होंगे। दोनों ही राजनीति के पुराने किलेदार हैं। ये दोनों ऐसे नेता हैं, जिन्होंने अपने काम के दम पर किसी के सामने घुटने नहीं टेके बल्कि बड़े-बड़े नेताओं को अपने तर्कों के आधार पर राजी किया।
बीजेपी आलकमान या कहें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमित शाह की जोड़ी ने राजस्थान की सियासत के इन दोनों किलेदारों को किनारे लगा दिया है। पूर्व गृहमंत्री और नेता प्रतिपक्ष गुलाबचंद कटारिया को असम का राज्यपाल बनाकर सक्रिय राजनीति से अलग कर दिया, वहीं वसुंधरा राजे को भी मुख्यमंत्री नहीं बनने दिया। पांचवीं बार सांसद बने उनके पुत्र दुष्यंत सिंह को भी मंत्रिमंडल में जगह नहीं मिली।
वसुंधरा राजे ने चाणक्य की नीति को अपनाया है…क्योंकि इसमें कहा गया है कि आप जिस चीज के लायक हैं, उससे कम पर कभी समझौता न करें। यह अभिमान नहीं स्वाभिमान है। वसुंधरा राजे ने अपने स्वाभिमान को जिंदा रखा है। कटारिया ने भी इसी तरह कभी समझौता नहीं किया है। बहरहाल ये दोनों नेता कभी भी सियासत में बड़ी हुंकार भर सकते हैं।
पूर्व मुख्यमंत्री श्रीमती वसुंधरा राजे शनिवार 22 जून को दोपहर 2ः45 बजे वायुयान से उदयपुर आएंगी। वे यहां से नाथद्वारा पहुंच कर श्रीनाथ जी मंदिर में पूजा अर्चना करेंगी। इसके पश्चात शाम 6 बजे उदयपुर के प्रताप गौरव केंद्र पहुंचेंगी। वे रविवार 23 जून की सुबह 10ः30 बजे नगर निगम के सुखाड़िया रंगमंच पर सुंदर सिंह भंडारी एवं डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी की पुण्यतिथि पर आयोजित व्याख्यानमाला एवं विशिष्ट जन सम्मान समारोह में शिरकत करेंगी।
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