“परिंदों को मंजिल मिलेगी यकीनन, ये फैले हुए उनके पर बोलते हैं, अक्सर वो लोग खामोश रहते हैं, ज़माने में जिनके हुनर बोलते हैं।”
उदयपुर : उदयपुर के इन होनहार और जांबाज खिलाड़ियों के हुनर ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि अगर इरादे मजबूत हों और मेहनत में सच्चाई हो, तो सफलता की राह में कोई भी रुकावट टिक नहीं सकती। जयपुर की पहलवान कुश्ती अकादमी में आयोजित ‘राजस्थान राज्य स्तरीय पेंचक सिलाट ट्रायल प्रतियोगिता’ में उदयपुर के मार्शल आर्ट्स के इन जांबाजों ने अपने दमदार कौशल, फुर्ती और अदम्य साहस का ऐसा प्रदर्शन किया कि पूरी खेल दुनिया देखती रह गई। अपनी इसी बेमिसाल प्रतिभा के दम पर उदयपुर के कुल 33 होनहार खिलाड़ियों ने ‘राष्ट्रीय पेंचक सिलाट चैम्पियनशिप’ के लिए टिकट पक्का कर पूरे जिले का सीना गर्व से चौड़ा कर दिया है।
नासिक की धरती पर गूंजेगा राजस्थान का शौर्य
पेंचक सिलाट एसोसिएशन उदयपुर के मुख्य सचिव हरीश कुमार सांवरिया ने गर्व से भरे मन से बताया कि ये सभी 33 ऊर्जावान खिलाड़ी आगामी 25 से 28 जून 2026 तक नासिक (महाराष्ट्र) में आयोजित होने वाली राष्ट्रीय चैम्पियनशिप में राजस्थान की मुख्य टीम का प्रतिनिधित्व करेंगे। उन्होंने कहा कि यह सिर्फ एक चयन नहीं है, बल्कि हमारे बच्चों के पसीने, उनके कोच के अथक परिश्रम और माता-पिता के त्याग की महाविजय है।
जीत के ये हैं वो 33 चमकते सितारे:
राष्ट्रीय मंच पर राजस्थान का परचम लहराने के लिए तैयार इन वीर खिलाड़ियों में साकेत सांवरिया, हर्षिल राठौड़, ग्यानवी नायक, लेखाश कावड़िया, उत्कर्ष पटेल, यशविका अनेजा, युगांश कलासुआ, जेसिका लेखारी, विनीता कुमारी, धृत जैन, आयात खाकर, अरविका जैन, इकरा नाज, हारवी कुमावत, गीतेश कलाल, रिद्धि जलानिया, अर्णव जैन, प्राची मीणा, सिद्धार्थ सिंह, मोहित सिंह, लक्ष्मी डांगी, कृतिका कुंवर, अंजलि सुथार, सनाया जैन, अविका भट्ट, रुद्रांश वर्धन सिंह, अबीर जोशी, आफया मंसूरी, कृयांश राठौड़, समर्थ पवार, पहल जैन और सिद्धश्वरी सिंह के नाम शामिल हैं।
गुरुओं का मार्गदर्शन, युवाओं की प्रेरणा
खिलाड़ियों को फौलाद की तरह तराशने और उन्हें राष्ट्रीय स्तर की चुनौतियों के लिए तैयार करने में मुख्य कोच प्रफुल्ल सांवरिया एवं मनीष सालवी ने रात-दिन एक कर दिए। उनकी बेहतरीन रणनीति और अद्भुत ट्रेनिंग के बल पर ही इन खिलाड़ियों ने राज्य स्तर पर यह ऐतिहासिक मुकाम हासिल किया है।
एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने कहा कि इतनी बड़ी संख्या में बच्चों का नेशनल के लिए सिलेक्ट होना यह संदेश देता है कि उदयपुर में खेल की प्रतिभाओं का समंदर है। यह ऐतिहासिक सफलता जिले के हजारों अन्य युवाओं के अंदर भी खेल के मैदान में उतरने और देश के लिए कुछ कर गुजरने का नया हौसला और जुनून पैदा करेगी। पूरे उदयपुर को अपने इन रणबांकुरों पर नाज है और पूरा प्रदेश एक सुर में इन बच्चों को नासिक में सोने के तमगे (गोल्ड मेडल) जीतकर इतिहास रचने के लिए अपनी अग्रिम शुभकामनाएं दे रहा है। गोल्ड मेडल हमारा है, कदम बढ़ाते चलो!
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