उदयपुर। राजस्थान सरकार ने शिक्षा के क्षेत्र में एक अनूठी पहल करते हुए उन बच्चों की पढ़ाई का बीड़ा उठाया है, जो पारिवारिक दुर्घटनाओं के कारण शिक्षा से वंचित हो सकते थे। इस योजना के तहत कक्षा 1 से 5 तक के 1.35 लाख विद्यार्थियों और उनके अभिभावकों का ₹1 लाख का व्यक्तिगत दुर्घटना बीमा कराया गया है।
इस ऐतिहासिक पहल का शुभारंभ शिक्षा एवं पंचायतीराज मंत्री मदन दिलावर ने उदयपुर के रेजीडेंसी विद्यालय सभागार में किया। इस अवसर पर उन्होंने 21 बच्चों को बैंक डायरी व किट प्रदान कर योजना की औपचारिक शुरुआत की। इस कार्यक्रम में वण्डर सीमेंट, ज्यूरिख कोटक जनरल इंश्योरेंस और एसबीआई का सहयोग रहा।
योजना का उद्देश्य और लाभ
शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने इस पहल को शिक्षा के प्रति सरकार की संवेदनशीलता का प्रमाण बताया। उन्होंने कहा कि कई बार पारिवारिक हादसों के कारण बच्चे पढ़ाई छोड़ने को मजबूर हो जाते हैं। ऐसे में कुछ असामाजिक तत्व इन बच्चों का धर्मांतरण, भिक्षावृत्ति और अन्य गतिविधियों में दुरुपयोग कर सकते हैं। इस योजना से ऐसे परिवारों को संबल मिलेगा और बच्चों की शिक्षा बाधित नहीं होगी।
बैंकिंग और वित्तीय सहयोग:
- एसबीआई ने सभी बच्चों के लिए शून्य जमा पर बैंक खाते खोले हैं।
- बच्चों को हर माह ₹500 की आर्थिक सहायता दी जाएगी, जिससे वे अपनी आवश्यकताओं को पूरा कर सकें।
घुमंतू परिवारों के बच्चों के लिए चल विद्यालय
राजस्थान सरकार ने घुमंतू परिवारों के लिए भी विशेष पहल की है। मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा की योजना के तहत 21,000 घुमंतू परिवारों को भूखंड आवंटित किए गए हैं।
अब जल्द ही चल विद्यालय शुरू किए जाएंगे, जहां शिक्षक घुमंतू परिवारों के डेरों तक पहुंचकर बच्चों को शिक्षा देंगे।
राजस्थान अध्यापक पात्रता परीक्षा 27-28 फरवरी को
उदयपुर में 27 और 28 फरवरी को राजस्थान अध्यापक पात्रता परीक्षा (REET) आयोजित की जाएगी। इस परीक्षा में 54,000 से अधिक अभ्यर्थी तीन पारियों में भाग लेंगे।
जिला कलक्टर श्री नमित मेहता के निर्देश पर 55 परीक्षा केंद्रों पर व्यवस्थाएं चाक-चौबंद कर दी गई हैं।
- 27 फरवरी
- प्रथम पारी: सुबह 10 से 12:30 बजे – लेवल 1 परीक्षा (18,280 अभ्यर्थी)
- द्वितीय पारी: दोपहर 3 से 5:30 बजे – लेवल 2 परीक्षा (18,152 अभ्यर्थी)
- 28 फरवरी
- सुबह 10 से 12:30 बजे – लेवल 2 परीक्षा (18,268 अभ्यर्थी)
परीक्षा की निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए 100 मीटर के दायरे में हॉस्टल, ई-मित्र और फोटोकॉपी की दुकानें बंद रखी जाएंगी।
उदयपुर बना मिसाल
इस अभिनव योजना से उदयपुर पूरे देश में एक मिसाल बन गया है। पहली बार तीन बड़ी कंपनियों के सहयोग से शिक्षा और बीमा को जोड़कर एक नई शुरुआत की गई है। यह पहल उन बच्चों के भविष्य को सुरक्षित बनाएगी, जो मुश्किल हालातों में शिक्षा से दूर होने की कगार पर थे।
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1 thought on “उदयपुर में शिक्षा का नया सूरज : हादसों से प्रभावित बच्चों की पढ़ाई को सुरक्षा कवच”
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