जयपुर। राजस्थान में भाजपा की सियासत लगातार करवट ले रही है। पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे को नजरंदाज व किनारे लगाने के रणनीति भाजपा और उनके आला कमान यानी मोदी-शाह को भारी पड़ सकती है। बीजेपी का आला कमान राजस्थान के क्षत्रपों की सियासत में उलझता जा रहा है।
देश के बड़े यू ट्यूबर्स ने दिल्ली में हुई केंद्रीय चुनाव समिति की बैठक के विश्लेषण में बताया कि वसुंधरा ने केंद्रीय चुनाव समिति की बैठक में जमकर बल्लेबाजी की। उन्होंने मोदी-शाह की प्लान को फेल कर दिया है।
यही वजह है कि मध्यप्रदेश में उम्मीदवारों की दो लिस्ट जारी होने के बावजूद राजस्थान की एक भी लिस्ट पर सहमति नहीं बन सकी है। मोदी राजस्थान में संघ के तीनों प्रांत चित्तौड़, जयपुर व जोधपुर में सभाएं कर चुके हैं, लेकिन राजस्थान में बीजेपी की सियासत सुलझ नहीं सकी है।
बताया गया है कि राजस्थान में भी आला कमान ने मंत्रियों व सांसदों को मैदान में उतारने का प्लान बनाया था। इस पर प्रदेश के क्षत्रप राजी नहीं हैं।
यही वजह है कि बीजेपी की लिस्ट जारी होने में देरी हो रही है। वसुंधरा राजे ने भी पूर्व में तैयार सूची पर सवाल खड़े किए हैं। लिस्ट को नए सिरे से एग्जामिन किया जा रहा है।
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