देशभर में 17 अगस्त को सड़कों पर उतरेंगे मजदूर : लंबित मांगों और अधिकारों को लेकर BMS का राष्ट्रव्यापी आंदोलन

EPS-95 पेंशन 7,500 करने, न्यूनतम वेतन बढ़ाने, संविदा कर्मियों को समान काम का समान वेतन और स्कीम वर्कर्स के सम्मान की लड़ाई तेज

उदयपुर। देश के श्रमिक वर्ग के बुनियादी अधिकारों, सामाजिक सुरक्षा और लंबे समय से लंबित मांगों के समाधान के लिए भारतीय मजदूर संघ (BMS) आगामी 17 अगस्त 2026 को देशव्यापी बड़ा आंदोलन करने जा रहा है। देश की सभी 28 राज्य इकाइयों और 42 औद्योगिक फेडरेशनों के आह्वान पर सभी जिला मुख्यालयों पर विशाल धरने, रैलियां और प्रदर्शन आयोजित कर केंद्र सरकार पर मजदूर हितैषी फैसले लेने का दबाव बनाया जाएगा।

प्रदर्शन के उपरांत जिला प्रशासन के जरिए प्रधानमंत्री के नाम विस्तृत मांग पत्र सौंपे जाएंगे।

सामाजिक सुरक्षा और वित्तीय अधिकारों से जुड़ी प्रमुख मांगें

श्रमिकों के जीवन स्तर को सम्मानजनक बनाने और सामाजिक सुरक्षा का मजबूत घेरा प्रदान करने के लिए BMS ने निम्नलिखित मांगें उठाई हैं:

EPS-95 पेंशन में बढ़ोतरी : न्यूनतम मासिक पेंशन को बढ़ाकर ₹7,500 किया जाए, इसे परिवर्तनशील महंगाई भत्ते (VDA) से जोड़ा जाए और सभी पेंशनभोगियों को ‘आयुष्मान भारत योजना’ का निशुल्क स्वास्थ्य लाभ मिले।

ESI एवं EPF की सीमा का विस्तार : सामाजिक सुरक्षा का दायरा बढ़ाने के लिए ESI की वेतन सीमा ₹21,000 से बढ़ाकर ₹42,000 तथा EPF की सीमा ₹15,000 से बढ़ाकर ₹30,000 की जाए।

ग्रेच्युटी व बोनस के नियमों में सुधार : ग्रेच्युटी की गणना प्रति वर्ष 15 दिन के बजाय बिना किसी अधिकतम सीमा के 30 दिन के वेतन के आधार पर हो। साथ ही नए लेबर कोड के अनुसार पूरे वेतन पर बोनस घोषित किया जाए।

न्यूनतम वेतन का नया फॉर्मूला : कमरतोड़ महंगाई के दौर में श्रमिकों की बुनियादी जरूरतों को पूरा करने के लिए न्यूनतम मजदूरी निर्धारण का पारदर्शी और व्यावहारिक फॉर्मूला लागू किया जाए।

स्कीम वर्कर्स और संविदा कर्मचारियों को मिले पूरा सम्मान व अधिकार

असंगठित व अर्ध-सरकारी क्षेत्रों में वर्षों से सेवाएं दे रहे करोड़ों कर्मचारियों के शोषण पर रोक लगाने की मांग की गई है:

मानदेय में सम्मानजनक वृद्धि : आंगनवाड़ी, आशा सहयोगिनी, मिड-डे मील रसोइयों और एनएचएम (NHM) सहित 1 करोड़ से अधिक स्कीम वर्कर्स के मानदेय में ठोस बढ़ोतरी की जाए।

समान काम का समान वेतन: संविदा व मानदेय पर कार्यरत कर्मचारियों को नियमित कर्मियों के समान वेतन मिले। वेतन में हेराफेरी (वेतन चोरी) करने वाले ठेकेदारों व मैनपावर एजेंसियों पर सख्त दंडात्मक कार्रवाई हो।

रिक्त पदों पर पक्की भर्ती: सरकारी विभागों में रिक्त चल रहे पदों को शीघ्र भरा जाए, बैंकिंग क्षेत्र में 5-डे वर्किंग लागू हो और सभी के लिए पुरानी पेंशन योजना (OPS) बहाल की जाए।

श्रमिक विरोधी श्रम कोड का कड़ा विरोध

BMS ने इंडस्ट्रियल रिलेशंस (IR) कोड और ऑक्यूपेशनल सेफ्टी (OSH&WC) कोड में मौजूद श्रमिक विरोधी प्रावधानों पर तीखा ऐतराज जताया है। संगठन का कहना है कि सरकार इन संहिताओं में आवश्यक संशोधन करे और केंद्रीय ट्रेड यूनियनों से तत्काल द्विपक्षीय बातचीत शुरू कर ‘भारतीय श्रम सम्मेलन’ का आयोजन करे।

17 अगस्त के प्रदर्शन को लेकर उदयपुर में पत्रकार वार्ता

उदयपुर में आयोजित पत्रकार वार्ता में भारतीय मजदूर संघ के नेताओं ने जिले भर के श्रमिकों से 17 अगस्त के प्रदर्शन में पूरी ताकत के साथ शामिल होने की अपील की।

इस दौरान राष्ट्रीय कार्य समिति सदस्य अमर सिंह सांखला, संभाग संगठन मंत्री रमेश सिंह चौहान, संभाग सह संगठन मंत्री राज कुमार गौड़, जिला मंत्री हेमंत गर्ग, EPS राष्ट्रीय महामंत्री प्रमोद कुंद्रा, मीडिया प्रभारी कमल बाबेल और संयुक्त मंत्री राजकुमार शर्मा सहित कई प्रमुख पदाधिकारी उपस्थित रहे।

 

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