उदयपुर। दिल्ली में आयोजित देश की सबसे बड़ी राष्ट्रीय चेस्ट सम्मेलन नैपकॉन में गीतांजली मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल के टीबी एवं श्वास रोग विशेषज्ञ डॉ. अतुल लुहाड़िया को ब्रोंकोस्कोपी वर्कशोप में उदयपुर से फ़ैकल्टी के रूप में बुलाया गया। उन्होंने सम्मेलन में वर्कशॉप में पधारे हुए डेलीगेट्स को फेफड़ों में गांठ , संक्रमण, फाइब्रोसिस, मीडियास्टिनल मास या लिम्फनोड्स के निदान हेतु फेफड़ों की दूरबीन द्वारा जांच ब्रोंकोस्कोपी ब्रशिंग, बायोप्सी, टी.बी.एन.ए., टी.बी.एल.बी. तकनीक के बारे में बताया एवं अपना अनुभव साझा किया।
डॉ.लुहाड़िया ने बताया कि ब्रोंकोस्कोपी एक प्रकार की फेफड़ों की एंडोस्कोपी है जिसमें नाक या मुंह से ब्रॉन्कोस्कोप अंदर डाला जाता है, अंदर क्या खराबी है उसको दूरबीन द्वारा देखा जाता है और बायोप्सी ,ब्रशिंग, टी.बी.एन.ए. या टी.बी.एल.बी. ली जाती है।
डॉ. लुहाड़िया ने चिकित्सकों से अपील की है कि फेफड़ों में गांठ , आई.एल.डी. , फाइब्रोसिस, मीडियास्टिनल मास या लिम्फनोड्स के निदान के लिए बायोप्सी, टी.बी.एन.ए. , टी.बी.एल.बी. करनी चाहिए ताकि समय पर निदान एवं इलाज आरंभ किया जा सके।
About Author
You may also like
स्वतंत्रता दिवस पर लाल किले से ही क्यों फहराया जाता है तिरंगा? जानिए इसके पीछे का ऐतिहासिक महत्व और परंपरा
2047 तक बनकर रहेगा विकसित भारत, 140 करोड़ देशवासियों के पुरुषार्थ से हासिल होगा लक्ष्य : लाल किले से पीएम मोदी का आह्वान
80वें स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर रोशनी से जगमगाई दिल्ली विधानसभा: स्पीकर विजेंद्र गुप्ता ने दी शुभकामनाएं
बंटवारा 1947 : असग़र वजाहत के कालजयी नाटक से रूपहले पर्दे तक, विभाजन का अनकहा दर्द और अनअटैच्ड औरतों की त्रासदी
उदयपुर : सहेलियों के संग सावन की रंगत, फोटो जर्नलिस्ट कमल कुमावत के कैमरे से देखिए हरियाली अमावस्या मेले के मनमोहक रंग
