विधायिका के काम में भागीदारी बढ़ाने के होंगे प्रयास
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने प्रेसवार्ता में दी जानकारी
उदयपुर। उदयपुर में आयोजित दो दिवसीय 9वें सीपीए भारत क्षेत्र सम्मेलन के समापन सत्र के पश्चात प्रेसवार्ता हुई। इसमें लोकसभा अध्यक्ष श्री ओम बिरला ने सम्मेलन में सर्वसम्मति से लिए गए निर्णयों को सांझा किया।
बिरला ने बताया कि दो दिवसीय सम्मेलन में 23 राज्यों के पीठासीन अधिकारियों, विधान परिषद अध्यक्ष, राज्यसभा-लोकसभा सदस्यों ने भाग लिया। इसमें लोकतंत्र को और अधिक सशक्त बनाने, जनप्रतिनिधियों का क्षमतावर्धन, विधान परिषदों में किए गए नवाचारों को सांझा करते हुए संवाद को बढ़ावा देने सहित अन्य गतिविधियां हुई। सम्मेलन में कुछ महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए हैं।
बिरला ने बताया कि सीपीए भारत को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए इसका पुनर्गठन किया जाएगा। पूर्व में यह 4 जोन में काम करता था, अब इसके 9 जोन बनाए जाएंगे। इसके अलावा हर विधानसभा को पेपरलैस बनाने, डिजिटल का उपयोग करते हुए विधानमंडलों को प्रभावी बनाने, जनता तक पहुंच सुनिश्चित करने, जनप्रतिनिधियों की राष्ट्र को समृद्ध बनाने में भूमिका सुनिश्चित करने के लिए विचार-संवाद के माध्यम से क्षमता बढ़ाने एवं सदन की गरिमा कायम रखने पर जोर दिया गया।
विधानमंडलों की नियम और कानून बनाने की प्रक्रिया को प्रभावी बनाने के लिए सिविल सोसायटी, राजनीति में रूचि रखने वालों, विद्यार्थियों तथा विषय विशेषज्ञों को विधानमंडलों की कार्यवाही दिखाने तथा उनकी भागीदारी बढ़ाने की दिशा में भी काम होगा।
लोकसभा अध्यक्ष ने बताया कि सीपीए इंडिया का केंद्रीय कार्यालय संसद भवन में स्थापित किया जाएगा। सभी जोन में प्रभावी ढंग से सीपीए की मूल भावना के अनुरूप कार्य सुनिश्चित करने के लिए विधानमंडल अध्यक्षों की कमेटी भी बनाई जाएगी। प्रेसवार्ता के दौरान राजस्थान विधानसभा अध्यक्ष डॉ. सीपी जोशी, लोकसभा सचिवालय के महासचिव श्री उत्पल कुमार सिंह, विधानसभा के प्रमुख सचिव श्री महावीर प्रसाद शर्मा भी उपस्थित रहे।
About Author
You may also like
-
गहलोत पहुंचे गिरिजा व्यास के परिजनों से मिलने: अहमदाबाद में लिया स्वास्थ्य का हाल, डॉक्टरों से भी की बातचीत
-
फतहसागर का साया : एक झील, दो कहानियाँ और अनुत्तरित सवाल
-
बाअदब! बामुलाहिजा…होशियार…पूर्व सल्तनत-ए-मेवाड़ में शाही रस्मो रिवाज के साथ अदा की डॉ. लक्ष्यराज सिंह मेवाड़ ने गद्दी संभालने की रस्म
-
उदयपुर से पंजाब तक : गुलाबचंद कटारिया की नशे के खिलाफ जुनून की पदयात्रा
-
फतहसागर में युवक की छलांग और सवालों की गहराई?