
उदयपुर। शहर का ऐतिहासिक गांधी ग्राउण्ड, जिसे खेल गतिविधियों का प्रमुख केंद्र माना जाता है, इन दिनों लापरवाही की भेंट चढ़ चुका है। मैदान में घास इतनी अधिक बढ़ गई है कि खिलाड़ियों को अभ्यास करने और खेल आयोजन में गंभीर परेशानी हो रही है। हालात यह हैं कि बरसात के मौसम में घास के बीच जीव-जंतु और सांप-बिच्छू तक पाए जा रहे हैं, जिससे खिलाड़ियों की सुरक्षा खतरे में पड़ गई है।
खास बात यह है कि दो दिन बाद यहां फुटबॉल मैचों की शुरुआत होने वाली है, लेकिन जिम्मेदार विभाग अब तक घास कटवाने की जहमत नहीं उठा पाया है। खिलाड़ियों और खेल प्रेमियों का कहना है कि जिस मैदान पर प्रदेश और राष्ट्रीय स्तर के मुकाबले आयोजित किए जाते हैं, वहां इस तरह की लापरवाही खेल संस्कृति के साथ मज़ाक है।
पूर्व वार्ड पार्षद दिनेश गुप्ता ने नगर निगम प्रशासन को ज्ञापन भेजकर तत्काल घास कटवाने की मांग की है। उन्होंने आरोप लगाया कि नगर निगम केवल कागज़ों में सफाई और रखरखाव का दावा करता है, जबकि हकीकत यह है कि गांधी ग्राउण्ड जैसी प्रमुख खेल धरोहर उपेक्षा की शिकार है।
खिलाड़ियों ने भी नाराज़गी जताते हुए कहा कि जब वे मैदान में खेलने उतरते हैं तो घास की ऊँचाई और कीड़े-मकोड़े उनके प्रदर्शन को प्रभावित करते हैं। ऐसे में यदि समय रहते मैदान की घास नहीं काटी गई तो मैचों के दौरान चोटिल होने की आशंका भी बढ़ सकती है।
शहरवासी सवाल कर रहे हैं कि खेल और युवाओं के विकास के बड़े-बड़े दावे करने वाले जिम्मेदार अधिकारी क्या केवल कागज़ी कार्यवाही तक ही सीमित रहेंगे, या फिर खिलाड़ियों के हित में तत्काल कदम उठाएंगे। हालांकि निगम की अधिकारी मोनिका ने शिकायतकर्ता को बताया कि 11 सितंबर को टीम लगवाकर सफाई करवा रहे हैं।
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