मेवाड़-मालवा का संगम : उज्जैन में त्रिमेस समाज का राष्ट्रीय अधिवेशन संपन्न, बनेगा भगवान एकलिंगनाथ का भव्य मंदिर

उज्जैन/उदयपुर। महाकाल की नगरी उज्जैन में श्री त्रिवेदी मेवाड़ा ब्राह्मण समाज (त्रिमेस) का अखिल भारतीय अधिवेशन दिव्य संकल्पों के साथ संपन्न हुआ। इस अवसर पर समाज को संगठित करने, संस्कारों के संरक्षण और शिक्षा के विस्तार पर बल दिया गया। अधिवेशन की अध्यक्षता राष्ट्रीय संयोजक भूपेन्द्र पण्डया सागवाड़ा ने की, जबकि मुख्य अतिथि मध्य प्रदेश प्रांतीय अध्यक्ष पंडित सुनील जोशी रहे।

अधिवेशन के मुख्य निर्णय और विजन

आमसभा में समाज के उत्थान के लिए कई महत्वपूर्ण योजनाओं पर चर्चा की गई:

शिक्षा और संस्कार : वक्ताओं ने शिक्षा और संस्कार को समाज की उन्नति का आधार बताया।

सामाजिक कार्य : सामूहिक यज्ञोपवीत, सामूहिक विवाह और जरूरतमंदों को तीर्थयात्रा कराने पर विचार-विमर्श हुआ।

उदयपुर में भवन : उदयपुर में 18,000 वर्गफीट के भूखंड पर अखिल भारतीय स्तर के विशाल भवन निर्माण की योजना बनाई गई।

20 हजार वर्गफीट में बनेगा भव्य एकलिंगनाथ मंदिर

उज्जैन के ग्राम नलवा (बड़नगर रोड) में मेवाड़ के आराध्य भगवान श्री एकलिंगनाथ जी के मंदिर, गुरुकुल और गौशाला का भूमिपूजन किया गया। इस ऐतिहासिक पल के साक्षी मेवाड़ राजघराने के डॉ. लक्ष्यराज सिंह मेवाड़ बने।

ऐतिहासिक पहल: डॉ. लक्ष्यराज सिंह ने इसे मेवाड़ और मालवा का खूबसूरत संगम बताते हुए मंदिर निर्माण में पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया।

भूमिपूजन: महेंद्रानंद गिरि महाराज, रामनाथ महाराज और दयाराम महाराज सहित अन्य साधु-संतों के सानिध्य में 151 जोड़ों ने वैदिक मंत्रोच्चार के साथ अनुष्ठान संपन्न किया। इसमें विभिन्न राज्यों के 2000 से अधिक समाजजन शामिल हुए।

मंदिर की विशेषताएं : राम मंदिर के वास्तुकारों ने तैयार किया डिजाइन
उज्जैन में बनने वाला यह मंदिर स्थापत्य कला का बेजोड़ नमूना होगा:

वास्तुकार : मंदिर का डिजाइन अहमदाबाद के उसी सोमपुरा परिवार ने तैयार किया है, जिन्होंने अयोध्या के राम मंदिर का डिजाइन बनाया था।

निर्माण सामग्री : मंदिर सफेद संगमरमर से बनेगा, जबकि शिवलिंग काले पत्थर का होगा।

लागत और लक्ष्य : पूरे प्रोजेक्ट की अनुमानित लागत 7 करोड़ रुपये है और इसे 2028 के सिंहस्थ कुंभ से पहले पूर्ण करने का लक्ष्य है।

ढांचा : मंदिर में 29×29 फीट का सभामंडप होगा और परिसर में आधुनिक शिक्षा हेतु गुरुकुल व गौशाला का निर्माण भी किया जाएगा।

इस गरिमामयी कार्यक्रम का संचालन राष्ट्रीय सचिव विनोद पानेरी ने किया और आभार अनिल पण्डया आंजना ने व्यक्त किया।

 

About Author

Leave a Reply